उपायुक्त डा. जयेंद्र सिंह छिल्लर की अध्यक्षता में बुधवार को जिला सचिवालय सभागार में सेवा का अधिकार (राइट टू सर्विस) और सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। उपायुक्त ने विभागवार लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।उपायुक्त ने कहा कि सेवा का अधिकार अधिनियम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को निर्धारित समय सीमा में सरकारी सेवाएं प्रदान करना है। यदि किसी विभाग द्वारा तय समय सीमा में सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाती, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखें तथा यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।उपायुक्त ने बैठक के दौरान सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों और उनके निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि आरटीआई आवेदनों का समय पर और तथ्यात्मक उत्तर देना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सूचना देने में किसी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। आरटीआई अधिनियम प्रशासनिक पारदर्शिता और जनभागीदारी को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है।उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने विभागों में रिकॉर्ड प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएं ताकि सूचना उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य आमजन को बेहतर, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान सुनिश्चित करें। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सेवा का अधिकार और सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाए, ताकि नागरिकों को सुशासन का लाभ प्रभावी रूप से मिल सके। बैठक में सीईओ जिला परिषद जितेंद्र कुमार, एसडीएम पलवल भूपेंद्र सिंह, सीटीएम प्रीति रावत, डीडीपीओ उपमा अरोड़ा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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