जिला सडक़ सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद की अध्यक्षता में आयोजित हुई। एडीसी उत्सव आनंद ने बैठक में अधिकारियों के साथ सडक़ दुर्घटनाओं को कम करने एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तार से समीक्षा करते हुए चर्चा की। उन्होंने कहा कि सडक़ सुरक्षा केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय और सहयोग के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने सभी सडक़ एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं अपने-अपने रोड पर ध्यान दें और आंकलन करें तथा एक-एक रोड एक्सिडेंट और सडक़ का सेल्फ ऑडिट करके रोड में जो भी तकनीकी और इंजीनियररिंग कमियां हैं उन्हें दूर करें।अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद ने सभी रोड एजेंसियों को निर्देश दिए कि अपनी-अपनी सडक़ों की कलर कोडिंग मार्किंग करवाएं तथा 15 दिन के अंदर-अंदर स्वयं की जिम्मेदारी पर यह प्रमाण पत्र जमा करवाएं कि उनकी सडक़ यात्रियों की सुरक्षा के हिसाब से बिल्कुल ठीक और कहीं भी कोई कमी नहीं हैं। उन्होंने एनएचएआई को 15 दिन के अंदर केएमपी और केजीपी पर कोई भी अवैध कट नहीं है से संबंधित प्रमाण पत्र जमा करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सडक़ एजेंसियां दुघर्टना होने का इंतजार न करें बल्कि उनकी रोड में जो भी कमियां हैं उन्हें दुघर्टना होने से पहले ही ठीक करवा दें। एजेंसियों अपने-अपने रोड की नियमित रूप से विजिट करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सडक़ दुघर्टना होने पर किसी भी एजेंसी की कोई एक्सक्यूज नहीं सुनी जाएगी और संबंधित धारा के तहत कार्यवाही की जाएगी।अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूरे किए जाएं। बैठक में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष रूप से सायं 7 बजे के बाद भारी वाहनों की स्पीड नियंत्रित की जाए और ओवर स्पीड वाहनों के चालान किए जाएं। हेड लाइट, हेलमेट, वाहन चलाते समय मोबाइल प्रयोग करने वालों, रोंग साइड ड्राइविंग सहित अंडर ऐज ड्राइविंग, बिना लाइसेंस, ड्रिंक एंड ड्राइव आदि के चालान किए जाएं। यदि कोई रफ तरीके से ड्राइविंग कर रहा है तो उसकी शिकायत करने के लिए जगह-जगह बोर्ड लगाकर हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किए जाएं। गांव के प्रवेश द्वारा पर साइन बोर्ड लगाए जाएं और हर गांव के पास जेब्रा क्रॉसिंग की जाए। उन्होंने जिला स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस रिस्पांस टाइम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पलवल में ट्रैफिक लाइट से संबंधित समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों को बैठकर प्लानिंग करने के निर्देश दिए।बैठक में सचिव आरटीए एवं सीईओ जिला परिषद जितेंद्र कुमार, डीएमसी मनीषा शर्मा, एसडीएम पलवल भूपेंद्र सिंह, एसडीएम हथीन हरीराम, सीटीएम प्रीति रावत, डीएसपी मनोज वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
एजेंसियां रोड एक्सिडेंट और सडक़ का सेल्फ ऑडिट करके तकनीकी कमियों को करें दूर : अतिरिक्त उपायुक्त
जिला सडक़ सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद की अध्यक्षता में आयोजित हुई। एडीसी उत्सव आनंद ने बैठक में अधिकारियों के साथ सडक़ दुर्घटनाओं को कम करने एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तार से समीक्षा करते हुए चर्चा की। उन्होंने कहा कि सडक़ सुरक्षा केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय और सहयोग के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने सभी सडक़ एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं अपने-अपने रोड पर ध्यान दें और आंकलन करें तथा एक-एक रोड एक्सिडेंट और सडक़ का सेल्फ ऑडिट करके रोड में जो भी तकनीकी और इंजीनियररिंग कमियां हैं उन्हें दूर करें।अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद ने सभी रोड एजेंसियों को निर्देश दिए कि अपनी-अपनी सडक़ों की कलर कोडिंग मार्किंग करवाएं तथा 15 दिन के अंदर-अंदर स्वयं की जिम्मेदारी पर यह प्रमाण पत्र जमा करवाएं कि उनकी सडक़ यात्रियों की सुरक्षा के हिसाब से बिल्कुल ठीक और कहीं भी कोई कमी नहीं हैं। उन्होंने एनएचएआई को 15 दिन के अंदर केएमपी और केजीपी पर कोई भी अवैध कट नहीं है से संबंधित प्रमाण पत्र जमा करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सडक़ एजेंसियां दुघर्टना होने का इंतजार न करें बल्कि उनकी रोड में जो भी कमियां हैं उन्हें दुघर्टना होने से पहले ही ठीक करवा दें। एजेंसियों अपने-अपने रोड की नियमित रूप से विजिट करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सडक़ दुघर्टना होने पर किसी भी एजेंसी की कोई एक्सक्यूज नहीं सुनी जाएगी और संबंधित धारा के तहत कार्यवाही की जाएगी।अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूरे किए जाएं। बैठक में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष रूप से सायं 7 बजे के बाद भारी वाहनों की स्पीड नियंत्रित की जाए और ओवर स्पीड वाहनों के चालान किए जाएं। हेड लाइट, हेलमेट, वाहन चलाते समय मोबाइल प्रयोग करने वालों, रोंग साइड ड्राइविंग सहित अंडर ऐज ड्राइविंग, बिना लाइसेंस, ड्रिंक एंड ड्राइव आदि के चालान किए जाएं। यदि कोई रफ तरीके से ड्राइविंग कर रहा है तो उसकी शिकायत करने के लिए जगह-जगह बोर्ड लगाकर हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किए जाएं। गांव के प्रवेश द्वारा पर साइन बोर्ड लगाए जाएं और हर गांव के पास जेब्रा क्रॉसिंग की जाए। उन्होंने जिला स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस रिस्पांस टाइम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पलवल में ट्रैफिक लाइट से संबंधित समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों को बैठकर प्लानिंग करने के निर्देश दिए।बैठक में सचिव आरटीए एवं सीईओ जिला परिषद जितेंद्र कुमार, डीएमसी मनीषा शर्मा, एसडीएम पलवल भूपेंद्र सिंह, एसडीएम हथीन हरीराम, सीटीएम प्रीति रावत, डीएसपी मनोज वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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