नगर परिषद पलवल के चेयरमैन डॉ. यशपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आस्था के प्रमुख केंद्र पंचवटी मंदिर परिसर में प्रस्तावित भव्य ‘पंचवटी पचोवन धाम द्वार’ के निर्माण हेतु टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच चुकी है तथा शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। यह भव्य धाम द्वार धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और शहर की आध्यात्मिक पहचान का नया प्रतीक बनेगा।इस अवसर पर डॉ. यशपाल ने कहा कि पंचवटी मंदिर क्षेत्र लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था एवं विश्वास का प्रमुख केंद्र रहा है। मंदिर परिसर की गरिमा एवं धार्मिक महत्व को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से इस भव्य द्वार का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को दिव्यता, श्रद्धा एवं सांस्कृतिक विरासत का विशेष अनुभव प्राप्त होगा।उन्होंने कहा कि नगर परिषद पलवल विकास कार्यों के साथ-साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण, संवर्धन एवं सौंदर्यीकरण को भी समान प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। प्रस्तावित ‘पंचवटी पचोवन धाम द्वार’ को पारंपरिक स्थापत्य शैली एवं स्थानीय धार्मिक भावनाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा।डॉ. यशपाल ने कहा कि यह केवल एक प्रवेश द्वार नहीं होगा, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक चेतना और जनआस्था का प्रतीक बनकर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बनेगा।उन्होंने कहा कि नगर परिषद भविष्य में भी जनभावनाओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देती रहेगी।
पंचवटी मंदिर पर बनेगा भव्य ‘पंचवटी पचोवन धाम द्वार’ : डॉ. यशपाल
नगर परिषद पलवल के चेयरमैन डॉ. यशपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आस्था के प्रमुख केंद्र पंचवटी मंदिर परिसर में प्रस्तावित भव्य ‘पंचवटी पचोवन धाम द्वार’ के निर्माण हेतु टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच चुकी है तथा शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। यह भव्य धाम द्वार धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और शहर की आध्यात्मिक पहचान का नया प्रतीक बनेगा।इस अवसर पर डॉ. यशपाल ने कहा कि पंचवटी मंदिर क्षेत्र लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था एवं विश्वास का प्रमुख केंद्र रहा है। मंदिर परिसर की गरिमा एवं धार्मिक महत्व को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से इस भव्य द्वार का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को दिव्यता, श्रद्धा एवं सांस्कृतिक विरासत का विशेष अनुभव प्राप्त होगा।उन्होंने कहा कि नगर परिषद पलवल विकास कार्यों के साथ-साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण, संवर्धन एवं सौंदर्यीकरण को भी समान प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। प्रस्तावित ‘पंचवटी पचोवन धाम द्वार’ को पारंपरिक स्थापत्य शैली एवं स्थानीय धार्मिक भावनाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा।डॉ. यशपाल ने कहा कि यह केवल एक प्रवेश द्वार नहीं होगा, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक चेतना और जनआस्था का प्रतीक बनकर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बनेगा।उन्होंने कहा कि नगर परिषद भविष्य में भी जनभावनाओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देती रहेगी।
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