सफाई एवं फायर कर्मचारियों की अधिकांश मांगों पर सरकार ने दी सैद्धांतिक सहमति : डीएमसी

 

सरकार सफाई एवं फायर कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए पूर्ण रूप से कृतसंकल्प है। सरकार ने नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा एवं फायर कर्मचारी यूनियन की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए अधिकांश मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। सरकार द्वारा कर्मचारियों के हित में वर्दी भत्ता, समान कार्य-समान वेतन एवं एरियर, एलटीसी, न्यूनतम वेतन, ईएसआई एवं ईपीएफ सहित विभिन्न मांगों पर सहमति दी गई है। डीएमसी मनीषा शर्मा  ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने सफाई कर्मचारियों को 2,000 रुपए प्रतिमाह जोखिम भत्ता, अनुकम्पा सहायता को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपए, दुर्घटना में मृत्यु पर 50 लाख रुपए तथा स्थायी दिव्यांगता पर 25 लाख रुपए की सहायता देने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। इसके अलावा पीएमजेएवाई-चिरायु योजना में नगरपालिका रोल एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को शामिल करने तथा 20 मेडिकल और 20 आकस्मिक अवकाश की भी सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। डीएमसी  ने बताया कि सफाई कर्मचारियों एवं सीवरमैनों की लिपिक (ग्रुप-सी) पद पर पदोन्नति के प्रावधान को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। वहीं पालिका रोल पर कार्यरत सफाई एवं फायर कर्मचारियों को नियमित करने का विषय फिलहाल कानूनी परीक्षण के अधीन है। सरकार इन कर्मचारियों को हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम, 2024 के दायरे में लाने के लिए तैयार है, जिससे उन्हें नियमित कर्मचारियों के लगभग समान लाभ मिल सकें। डीएमसी  ने बताया कि सरकार ने इन कर्मचारियों को 60 वर्ष तक सेवा की सुनिश्चितता देने तथा पात्रता के अतिरिक्त न्यूनतम वेतन में 15 प्रतिशत अधिक राशि देने की भी सहमति जताई है। पालिका रोल सफाई कर्मचारियों का वर्तमान वेतन 19,000 रुपए से बढ़ाकर 21,000 रुपए मासिक करने पर विचार किया गया है। इसके साथ अर्धवार्षिक वेतन वृद्धि, डैथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्यूटी, मातृत्व अवकाश तथा एचकेआरएनएल के तहत एक्स-ग्रेशिया वित्तीय सहायता एवं एक्स-ग्रेशिया नियुक्ति जैसे लाभ देने पर भी सैद्धांतिक सहमति बनी है। मनीषा शर्मा  ने कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों को 440 रुपए प्रतिमाह वर्दी भत्ता वेतन के साथ दिया जा रहा है तथा समान कार्य-समान वेतन एवं एरियर के पात्र कर्मचारियों को भुगतान किया जा चुका है। कर्मचारियों को एल.टी.सी. का लाभ भी दिया जा रहा है। न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार निर्धारित न्यूनतम वेतन देने, पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा (ई.एस.आई.) एवं कर्मचारी भविष्य निधि (ई.पी.एफ.) का लाभ प्रदान करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा पालिका रोल एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को पीएमजेएवाई-चिरायु योजना में शामिल करने की भी सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। पालिका रोल पर कार्यरत सफाई एवं फायर कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध में सरकार द्वारा कानूनी परीक्षण कराया जा रहा है। कानूनी परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस महत्वपूर्ण मांग पर नियमानुसार आगामी निर्णय लिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक एवं सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है। मनीषा शर्मा  ने कहा कि सरकार ने सफाई एवं फायर कर्मचारियों से संबंधित लगभग सभी मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया है। साथ ही, कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से आमजन को हो रही असुविधा को देखते हुए सभी कर्मचारियों से जनहित में सहयोग करने की अपील की गई है।डीएमसी मनीषा शर्मा  ने स्पष्ट किया कि हड़ताल पर जाने का अधिकार किसी कर्मचारी को अन्य कर्मचारियों को अपना कार्य करने से रोकने का अधिकार नहीं देता। कानून व्यवस्था प्रभावित करने या कानून हाथ में लेने की स्थिति में संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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