संस्कृति संरक्षण समाज की बड़ी ताकत : राजस्व मंत्री विपुल गोयल

पलवल स्थित जाट धर्मशाला में जाट समाज विकास समिति द्वारा शनिवार को दो दिवसीय भव्य चौपाई महामेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में हरियाणा सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, शहरी स्थानीय निकाय तथा नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों से आई लगभग 40 चौपाई टीमों ने भाग लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने चौपाई महामेले को हरियाणा की प्राचीन संस्कृति और लोक परंपराओं को जीवित रखने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि बंचारी और मित्रोल क्षेत्र की प्रसिद्ध चौपाई परंपरा को बड़े स्वरूप में प्रस्तुत कर आयोजकों ने समाज को जोडऩे का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि चौपाई और नगाड़ों के माध्यम से हमारी प्राचीन संस्कृति लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है। विपुल गोयल ने कहा कि वर्ष 2014 से 2019 के दौरान जब वे कौशल विकास विभाग के मंत्री थे, तब उन्होंने चौपाइयों को स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी दुधौला में पंजीकृत कराकर उन्हें प्रमाणिक स्वरूप देने का कार्य किया था, ताकि आने वाली पीढिय़ां इस सांस्कृतिक धरोहर को पहचान सकें। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि हरियाणा की चौपाई और नगाड़ा संस्कृति देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंचे।राजस्व मंत्री ने कहा कि वे जल्द ही खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम तथा स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के साथ चर्चा कर चौपाई और नगाड़ा कलाकारों को संगठित एवं आधुनिक मंच उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि कलाकारों की टोलियों को बेहतर प्रशिक्षण देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुति देने योग्य बनाया जाएगा।उन्होंने कहा कि उन्होंने विश्व के 100 से अधिक देशों का दौरा किया है, लेकिन इस प्रकार का लोकवाद्य और लोकसंगीत कहीं देखने को नहीं मिला, जो लोगों को स्वत: झूमने और नृत्य करने के लिए प्रेरित कर दे। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि जब भारत के प्रतिनिधिमंडल विदेशों में जाएं तो हरियाणा की चौपाई और नगाड़ा पार्टियां भी वहां अपनी संस्कृति का प्रदर्शन करें। विपुल गोयल ने कहा कि जिस प्रकार गीता जयंती के माध्यम से विदेशों में भारतीय संस्कृति को स्थापित करने का कार्य किया गया है, उसी प्रकार चौपाई संस्कृति को भी वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।कार्यक्रम के दौरान मंत्री विपुल गोयल ने दादा कान्हा के स्मारक निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने में सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि यदि मामला नगर निगम क्षेत्र से संबंधित होगा तो वे स्वयं सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज और संस्कृति के लिए वे हमेशा तत्पर हैं। उन्होंने कार्यक्रम में प्रारंभिक रूप से 11 लाख रुपए देने की घोषणा करते हुए कहा कि भूमि आवंटित होने के बाद भी जो भी सहयोग की आवश्यकता होगी, वह पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पलवल क्षेत्र के लोगों ने उन्हें हमेशा अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया है, इसलिए वे पलवल को अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं। कार्यक्रम में पधारने पर सरदारी ने मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों का फूलमालाएं पहनाकर और पगड़ी बांधकर भव्य स्वागत किया।

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