भारत विकास परिषद, पलवल शाखा द्वारा जीवन ज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पलवल में*“गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरुजनों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता, संस्कार एवं भारतीय संस्कृति के मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना रहा।कार्यक्रम में जीवन ज्योति ग्रुप ऑफ स्कूल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर वीरेंद्र गहलौत (एडवोकेट), मैनेजर रणजीत गहलौत, प्रिंसिपल देवेंद्र कुमार, एडमिन इंचार्ज दया चंद शर्मा*, नीरज कुमार, मनोज सोरौत, जसविंदर कौर एवं टीना गुप्ता की उपस्थिति में भारत विकास परिषद के प्रांतीय अधिकारी सतीश कौशिश, शाखा अध्यक्ष रवि दत्त शर्मा एवं संस्कार प्रमुख डॉ. विकास मित्तल ने विद्यालय के शिक्षक हितेश कुमार का गुरु वंदन करते हुए सम्मान किया। पाँच मेधावी विद्यार्थियों बंसिका, यशवीर, अंजलि, गीता एवं मानवी का उनकी उपलब्धियों के लिए छात्र अभिनंदन किया गया। सम्मानित शिक्षक एवं विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा फूलमाला पहनाकर एवं उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।इस अवसर पर भारत विकास परिषद के प्रांतीय अधिकारी सतीश कौशिश ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सदैव सर्वोच्च स्थान प्राप्त रहा है। गुरु केवल ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व, चरित्र और जीवन मूल्यों का निर्माण करने वाला मार्गदर्शक होता है। उन्होंने कहा कि **गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन जैसे कार्यक्रम हमारी संस्कारवान परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।शाखा अध्यक्ष रवि दत्त शर्मा ने कहा कि भारत विकास परिषद का मूल उद्देश्य समाज में संस्कार, सेवा, सहयोग एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान उनकी प्रतिभा को पहचान देने के साथ-साथ उन्हें जीवन में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है।संस्कार प्रमुख डॉ. विकास मित्तल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “गुरु वंदन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अपने जीवन को दिशा देने वाले गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।” उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने गुरुजनों का सम्मान करें, उनके मार्गदर्शन को जीवन में अपनाएँ तथा शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कारों को भी अपने व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा बनाएँ। उन्होंने कहा कि ज्ञान के साथ संस्कार ही विद्यार्थी के व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करते हैं।विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर वीरेंद्र गहलौत ने भारत विकास परिषद, पलवल शाखा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के शैक्षणिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुजनों का सम्मान और प्रतिभावान विद्यार्थियों का प्रोत्साहन समाज में सकारात्मक एवं संस्कारपूर्ण वातावरण का निर्माण करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी विद्यालय में ऐसे प्रेरणादायक एवं संस्कारपरक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।कार्यक्रम में विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों, शिक्षकगण एवं विद्यालय स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को गुरु सम्मान, संस्कार, अनुशासन, उत्कृष्टता एवं राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश देते हुए किया गया।
भारत विकास परिषद पलवल ने आयोजित किया गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन कार्यक्रम
भारत विकास परिषद, पलवल शाखा द्वारा जीवन ज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पलवल में*“गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरुजनों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता, संस्कार एवं भारतीय संस्कृति के मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना रहा।कार्यक्रम में जीवन ज्योति ग्रुप ऑफ स्कूल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर वीरेंद्र गहलौत (एडवोकेट), मैनेजर रणजीत गहलौत, प्रिंसिपल देवेंद्र कुमार, एडमिन इंचार्ज दया चंद शर्मा*, नीरज कुमार, मनोज सोरौत, जसविंदर कौर एवं टीना गुप्ता की उपस्थिति में भारत विकास परिषद के प्रांतीय अधिकारी सतीश कौशिश, शाखा अध्यक्ष रवि दत्त शर्मा एवं संस्कार प्रमुख डॉ. विकास मित्तल ने विद्यालय के शिक्षक हितेश कुमार का गुरु वंदन करते हुए सम्मान किया। पाँच मेधावी विद्यार्थियों बंसिका, यशवीर, अंजलि, गीता एवं मानवी का उनकी उपलब्धियों के लिए छात्र अभिनंदन किया गया। सम्मानित शिक्षक एवं विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा फूलमाला पहनाकर एवं उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।इस अवसर पर भारत विकास परिषद के प्रांतीय अधिकारी सतीश कौशिश ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सदैव सर्वोच्च स्थान प्राप्त रहा है। गुरु केवल ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व, चरित्र और जीवन मूल्यों का निर्माण करने वाला मार्गदर्शक होता है। उन्होंने कहा कि **गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन जैसे कार्यक्रम हमारी संस्कारवान परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।शाखा अध्यक्ष रवि दत्त शर्मा ने कहा कि भारत विकास परिषद का मूल उद्देश्य समाज में संस्कार, सेवा, सहयोग एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान उनकी प्रतिभा को पहचान देने के साथ-साथ उन्हें जीवन में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है।संस्कार प्रमुख डॉ. विकास मित्तल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “गुरु वंदन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अपने जीवन को दिशा देने वाले गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।” उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने गुरुजनों का सम्मान करें, उनके मार्गदर्शन को जीवन में अपनाएँ तथा शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कारों को भी अपने व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा बनाएँ। उन्होंने कहा कि ज्ञान के साथ संस्कार ही विद्यार्थी के व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करते हैं।विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर वीरेंद्र गहलौत ने भारत विकास परिषद, पलवल शाखा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के शैक्षणिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुजनों का सम्मान और प्रतिभावान विद्यार्थियों का प्रोत्साहन समाज में सकारात्मक एवं संस्कारपूर्ण वातावरण का निर्माण करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी विद्यालय में ऐसे प्रेरणादायक एवं संस्कारपरक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।कार्यक्रम में विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों, शिक्षकगण एवं विद्यालय स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को गुरु सम्मान, संस्कार, अनुशासन, उत्कृष्टता एवं राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश देते हुए किया गया।
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