पलवल में दीपावली पर राजस्व को चूना लगाने का खेल! नंबर दो में आ रहा ड्राई फ्रू ट और खाद्य सामान

दीपावली के त्योहार पर पलवल में ट्रांसपोर्टरों के द्वारा ड्राई फ्रू ट और अन्य खाद्य पदार्थों की भारी आवक के बीच कथित तौर पर नंबर दो में माल मंगवा कर सरकारी राजस्व को चूना लगाने का मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि कुछ ट्रांसपोर्टरों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर सामान मंगवाया जा रहा है और खाद्य पदार्थों पर देय मार्केट फीस की चोरी की जा रही है। इससे सरकारी खजाने को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।त्योहारी सीजन में बाजारों में ड्राई फ्रू ट, मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और अन्य खाद्य वस्तुओं की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में यदि बड़ी मात्रा में माल बिना उचित दस्तावेजों और नियमानुसार फीस जमा किए बिना पहुंच रहा है, तो यह राजस्व व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पलवल में ट्रांसपोर्ट की नम्बर दो में आने वाली सभी गाडिय़ों के बारे में राजस्व विभाग व मार्केट कमेटी अधिकारियों को पूरी जानकारी होती है। यह गाडिय़ां अक्सर दिल्ली से व जयपुर से रात के समय पर निकलती हैं तथा सुबह तडक़े ही यह गाडिय़ां पलवल ट्रांसपोर्टरों के गोदामों में सुरक्षित पहुंच जाती हैं। सुबह के समय में गोदाम पर तैनात ट्रांसपोर्टरों के कारिंदे इस सारे सामान को पलवल के दुकानदारों की दुकान पर पहुंचा देते हैं। ट्रांसपोर्टरों के द्वारा दुकानदारों से नम्बर एक के भाड़े से कई गुणा ज्यादा टैक्स विभाग व मार्केट कमेटी अधिकारियों की नजर से बचा कर सुरक्षित पहुंचाने की ऐवज में कई गुणा ज्यादा भाड़ा बसूला जाता है। मार्केट कमेटी के  कर्मचारी भी ट्रांसपोर्टरों के गोदामों पर पहुंच कर मार्केट फ ीस के सामान में से कुछ सामान को मार्केट कमेटी के रजिस्टर में चढ़ा कर बाकी सामान की ऐवज में अपने निर्धारित रकम को ट्रांसपोर्टरों से वसूल कर लेते हैं तथा मार्केट फ ीस की चोरी करके सरकार को चूना लगाने का लाईसेंस ट्रांसपोर्टरों को दे देते हैं।  इस मामले में राजस्व विभाग और मार्केट कमेटी के अधिकारियों की कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों के बिल, ई-वे बिल, माल की मात्रा और मार्केट फीस की नियमित जांच होने पर यदि नियमों के उल्लंघन से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?संबंधित विभाग दीपावली के दौरान पलवल में पहुंच रहे ड्राई फ्रू ट और अन्य खाद्य सामान की आवक, परिवहन दस्तावेजों तथा मार्केट फीस के रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच करें। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। त्योहारों पर कारोबार बढऩे के साथ यदि सरकारी राजस्व की चोरी हो रही है, तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था आखिर किस काम की है?मार्केट कमेटी चेयरमेन पंकज विरमानी का कहना है कि उनको ट्रंासपोर्टरों के द्वारा मार्केट फ ीस की चोरी के किसी भी मामले की जानकारी नहीं है। वह मार्केट फ ीस के रजिस्टर को चेक करके सरकार को चूना लगाने वाले अधिकाारियों व कर्मचारियों पर लगाम लगाने का प्रयास करेगें।

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