गदपुरी में चल रहे सात दिवसीय राष्ट्रीय एनएसएस शिविर के दूसरे दिन पलवल डोनर्स क्लब ज्योतिपुंज की ओर से रक्तदान, नेत्रदान और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और चंडीगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों के स्वयंसेवक शामिल हो रहे हैं।पलवल डोनर्स क्लब ज्योतिपुंज के मुख्य संयोजक आर्यवीर लॉयन डॉ. विकास मित्तल ने रक्तदान और नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति चिकित्सकीय दिशा-निर्देशों के अनुसार नियमित अंतराल पर रक्तदान कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का आह्वान किया।डॉ. विकास मित्तल ने बताया कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान कॉर्निया की बीमारी के कारण दृष्टिबाधित लोगों को नई रोशनी प्रदान कर सकता है। यह एक स्वैच्छिक और मानवीय कार्य है। उन्होंने बताया कि मृत्यु के बाद यथाशीघ्र, सामान्यतः छह घंटे के भीतर, नेत्र बैंक को सूचित करना चाहिए। नेत्रदान में मुख्य रूप से कॉर्निया का उपयोग किया जाता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।क्लब की सह-संयोजक अल्पना मित्तल ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि जीवन अनमोल है और इसे सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वयंसेवकों को वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नशे की स्थिति में वाहन न चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने और गलत दिशा में वाहन चलाने से बचने की अपील करते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन करके सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
राष्ट्रिय एनएसएस शिविर में रक्तदान, नेत्रदान और सड़क सुरक्षा का दिया संदेश
गदपुरी में चल रहे सात दिवसीय राष्ट्रीय एनएसएस शिविर के दूसरे दिन पलवल डोनर्स क्लब ज्योतिपुंज की ओर से रक्तदान, नेत्रदान और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और चंडीगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों के स्वयंसेवक शामिल हो रहे हैं।पलवल डोनर्स क्लब ज्योतिपुंज के मुख्य संयोजक आर्यवीर लॉयन डॉ. विकास मित्तल ने रक्तदान और नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति चिकित्सकीय दिशा-निर्देशों के अनुसार नियमित अंतराल पर रक्तदान कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का आह्वान किया।डॉ. विकास मित्तल ने बताया कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान कॉर्निया की बीमारी के कारण दृष्टिबाधित लोगों को नई रोशनी प्रदान कर सकता है। यह एक स्वैच्छिक और मानवीय कार्य है। उन्होंने बताया कि मृत्यु के बाद यथाशीघ्र, सामान्यतः छह घंटे के भीतर, नेत्र बैंक को सूचित करना चाहिए। नेत्रदान में मुख्य रूप से कॉर्निया का उपयोग किया जाता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।क्लब की सह-संयोजक अल्पना मित्तल ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि जीवन अनमोल है और इसे सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वयंसेवकों को वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नशे की स्थिति में वाहन न चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने और गलत दिशा में वाहन चलाने से बचने की अपील करते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन करके सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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