तदाता सूची का शुद्धिकरण और लोकतंत्र की रक्षा के लिए SIR क्यों जरूरी है: सागर चौहान

भारतीय लोकतंत्र की नींव स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव पर टिकी है।  लेकिन यदि चुनाव की आधारशिला यानी मतदाता सूची ही त्रुटिपूर्ण या प्रदूषित हो, तो लोकतंत्र के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग जाता है। वर्तमान में चर्चा का विषय बना SIR इसी शुचिता को बनाए रखने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।  उक्त विचार भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सागर चौहान ने व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि  SIR का सरल अर्थ है मतदाता सूची का गहन शुद्धिकरण। इसके मुख्य उद्देश्यों में से एक है अपमार्जन। अपमार्जन मृत्यु हो चुके व्यक्तियों या एक से अधिक स्थान पर नामांकित मतदाताओं के नाम हटाना। दूसरा समावेशन में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके नए पात्र युवाओं के नाम जोड़ना। तीसरा अवैध घुसपैठियों की पहचान करके मतदाता सूची से उन अवैध घुसपैठियों के नाम हटाना जो भारतीय नागरिक नहीं हैं, ताकि वे देश की सरकार चुनने में अनुचित हस्तक्षेप न कर सकें।भाजपा और विपक्ष की नीतियों में स्पष्ट अंतर है। जहाँ भाजपा डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट की नीति पर चलती है, वहीं विपक्ष पर अक्सर इन घुसपैठियों को नॉर्मलाइज और फॉर्मलाइज कर उन्हें चुनावी लाभ के लिए उपयोग करने के आरोप लगते रहे हैं।

Check Also

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष चौधरी उदयभान ने होडल विधानसभा क्षेत्र में किया जागरूक

  हरियाणा प्रदेश कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष चौधरी उदयभान ने गाँव लीखी व घसेड़ा, विधानसभा होडल …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *