उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बुधवार को अपने कार्यालय में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत मतदान केन्द्रों पर बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक का उद्देश्य एसआईआर के तहत मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को पारदर्शी, सटीक एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराना था। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने-अपने दलों की ओर से नियुक्त किए जाने वाले बूथ लेवल एजेंट के संबंध में जानकारी साझा की। उपायुक्त ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे 2002 और 2024 की मतदाता सूचियों के मिलान का कार्य बीएलओ द्वारा सुनिश्चित करें ताकि मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाया जा सके।जिला निर्वाचन अधिकारी डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलए की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे मतदाता सूची के सत्यापन, नए मतदाताओं के नाम जोडऩे, त्रुटियों के सुधार तथा मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने में सहयोग करते हैं। सभी दलों से आग्रह किया गया कि वे समय पर योग्य और जिम्मेदार प्रतिनिधियों की नियुक्ति सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित दिशा-निर्देशों, बीएलए के कर्तव्यों एवं आचार संहिता की जानकारी भी दी गई। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिला प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच समन्वय अति आवश्यक है।उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी दलों के सहयोग से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया जाएगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से कहा कि वे अपने बूथ स्तर एजेंट नियुक्त करें और इसकी जानकारी सीईओ हरियाणा, उपायुक्त तथा जिला निर्वाचन कार्यालय में उपलब्ध कराएं। बीएलए, बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और मतदाताओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। बीएलए अपने बूथ क्षेत्र में मतदाताओं से जुड़े बदलावों को बखूबी पहचानते हैं। उन्होंने कहा कि यह जानकारी बीएलए ही देते हैं कि कौन 18 वर्ष का हुआ है, कौन स्थाई रूप से स्थानांतरित हो गया है और किन मतदाताओं का निधन हो चुका है। यही कारण है कि बीएलए की नियुक्ति से मतदाता सूची को त्रुटि रहित बनाने में बड़ी मदद मिलती है। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत 2024 की मतदाता सूची का मिलान 2002 की सूची से किया जाएगा। यदि किसी मतदाता का नाम दोनों सूचियों में पाया जाता है तो उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, ऐसे मतदाताओं को बीएलओ द्वारा दिए जाने वाले एन्यूमरेशन फॉर्म को भरना अनिवार्य होगा।
राजनीतिक दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदान केंद्रोंं पर बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति करें सुनिश्चित
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बुधवार को अपने कार्यालय में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत मतदान केन्द्रों पर बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक का उद्देश्य एसआईआर के तहत मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को पारदर्शी, सटीक एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराना था। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपने-अपने दलों की ओर से नियुक्त किए जाने वाले बूथ लेवल एजेंट के संबंध में जानकारी साझा की। उपायुक्त ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे 2002 और 2024 की मतदाता सूचियों के मिलान का कार्य बीएलओ द्वारा सुनिश्चित करें ताकि मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाया जा सके।जिला निर्वाचन अधिकारी डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलए की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे मतदाता सूची के सत्यापन, नए मतदाताओं के नाम जोडऩे, त्रुटियों के सुधार तथा मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने में सहयोग करते हैं। सभी दलों से आग्रह किया गया कि वे समय पर योग्य और जिम्मेदार प्रतिनिधियों की नियुक्ति सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित दिशा-निर्देशों, बीएलए के कर्तव्यों एवं आचार संहिता की जानकारी भी दी गई। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिला प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच समन्वय अति आवश्यक है।उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी दलों के सहयोग से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया जाएगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से कहा कि वे अपने बूथ स्तर एजेंट नियुक्त करें और इसकी जानकारी सीईओ हरियाणा, उपायुक्त तथा जिला निर्वाचन कार्यालय में उपलब्ध कराएं। बीएलए, बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और मतदाताओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। बीएलए अपने बूथ क्षेत्र में मतदाताओं से जुड़े बदलावों को बखूबी पहचानते हैं। उन्होंने कहा कि यह जानकारी बीएलए ही देते हैं कि कौन 18 वर्ष का हुआ है, कौन स्थाई रूप से स्थानांतरित हो गया है और किन मतदाताओं का निधन हो चुका है। यही कारण है कि बीएलए की नियुक्ति से मतदाता सूची को त्रुटि रहित बनाने में बड़ी मदद मिलती है। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत 2024 की मतदाता सूची का मिलान 2002 की सूची से किया जाएगा। यदि किसी मतदाता का नाम दोनों सूचियों में पाया जाता है तो उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, ऐसे मतदाताओं को बीएलओ द्वारा दिए जाने वाले एन्यूमरेशन फॉर्म को भरना अनिवार्य होगा।
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