हरियाणा सरकार द्वारा घोषित अवकाशों पर होडल उपमंडल के प्राइवेट विद्यालयों के प्रबंधकों के द्वारा पालन नहीं करते हुए अपने विद्यालयों को खोल करके इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं ।हरियाणा सरकार के आदेशों की धज्जियां प्रशासनिक अधिकारियों की आंखों के आगे उड़ाई जा रही हैं ।हरियाणा सरकार द्वारा 1 मई को सभी प्राइवेट व सरकारी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया था। इस अवकाश के दौरान जहां सभी सरकारी विद्यालय पूरी तरह से बंद रहे थे वहीं कुछ प्राइवेट विद्यालयों ने छुट्टी कर दी थी। लेकिन होडल उपमंडल के अधिकांश विद्यालय के प्रबंधकों के द्वारा अपने विद्यालय में इन सरकारी आदेशों की पालना नहीं करते हुए अवकाश नहीं रखा और प्रतिदिन की भांति ही अपने विद्यालयों को खोल करके सरकारी आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं।होडल में अवकाश को लेकर के प्राइवेट विद्यालयों के प्रबंधकों के द्वारा सरकारी आदेशों की अवहेलना का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अनेकों बार प्राइवेट विद्यालयों के प्रबंधकों के द्वारा सरकार द्वारा घोषित सरकारी अवकाशों पर अधिकतर अपने विद्यालयों को खोला जाता है। इसका मुख्य कारण शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा प्राइवेट विद्यालयों के प्रबंधकों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई अमल में नहीं लाना है। होडल में शुक्रवार को घोषित अवकाश के दौरान खुलेआम सडक़ों पर प्राइवेट विद्यालयों की बसें विद्यार्थियों को लाने वाले जाने का कार्य कर रही थी। यह बसें प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय के बाहर से आ जा रही थी तथा प्रशासनिक अधिकारी भी इन बसों में विद्यार्थियों को आते जाते देख रहे थे। लेकिन किसी भी शिक्षा विभाग के अधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारी के द्वारा किसी भी प्राइवेट विद्यालय के खिलाफ कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। इसका मुख्य कारण अधिकांश प्राइवेट विद्यालयों के प्रबंधकों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होना है। राजनीतिक संरक्षण के कारण ही प्राइवेट विद्यालयों के प्रबंधक खुलेआम हरियाणा सरकार के द्वारा घोषित अवकाश के दिन आदेशों की धज्जियां उड़ा करके अपने विद्यालयों को खोलते हैं और प्रशासनिक अधिकारी मुकदर्शक बन करके इन आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए देखते हैं। जिस कारण से किसी भी प्राइवेट विद्यालय प्रबंधक के खिलाफ कोई भी कार्यवाही पलवल जिले में अमल में नहीं लाई गई है । जिला शिक्षा अधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से इन विद्यालय प्रबंधकों के द्वारा हरियाणा सरकार के छुट्टियों के आदेशों की अवहेलना करने की कार्रवाई पर उनके द्वारा किसी विद्यालय के खिलाफ शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने की बात कही जाती है, जबकि स्वयं उनको विद्यालयों के खुले होने व विद्यालयों की बसों के द्वारा बच्चों को लाते व ले जाते हुए दिखाई नहीं देते हैं या फिर वह जानबूझकर के अपनी आंखों को बंद करके बैठे रहते हैं । ऐसा लगता है कि किसी अवकाश के दौरान किसी प्राइवेट विद्यालय में किसी हादसे के घटित हो जाने के बाद ही शायद प्रशासन अपनी कुम्भकरणी नींद से जाग पाएगा और सरकार के आदेशों की कड़ाई से पालन करने का कार्य किया जाएगा।
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