पुलिस अधीक्षक पलवल नीतीश अग्रवाल के कुशल नेतृत्व, सुदृढ़ रणनीतिक योजना और कड़े दिशानिर्देशों के फलस्वरूप जिला पलवल में अपराध नियंत्रण की दिशा में अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस की सक्रिय मुस्तैदी और प्रभावी गश्त के कारण पिछले वर्ष की समान अवधि (01 अप्रैल से 31 मई) की तुलना में वर्ष 2026 के इन दो महीनों में जघन्य अपराधों, महिला विरुद्ध अपराधों और संपत्ति संबंधी अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।पुलिस अधीक्षक पलवल ने बताया कि अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, निम्नलिखित प्रमुख श्रेणियों में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और अपराधों में बड़ी कमी आई है। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के पुलिस अधीक्षक के विशेष प्रयासों के कारण महिला उत्पीड़न और अपहरण से जुड़े मामलों में भारी कमी आई है। शादी का झांसा देकर या जबरन किए जाने वाले *महिला अपहरण एवं अगवा करने के मामलों में भारी गिरावट आई है। 2025 में 12 मामले से घटकर 2026 में केवल 5 रह गए हैं। चोरी और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले गिरोहों पर नकेल कसने के कारण इस श्रेणी के कुल मामलों में 216से घटकर 175 रह गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस चेकिंग और नाकाबंदी के चलते वाहन चोरी के मामलों में 106 से घटकर 86 रह गए हैं। पुलिस चौकसी बढ़ने से स्नैचिंग के मामल10से घटकर 3 रह गए हैं।जबरन वसूली व ब्लैकमेलिंग के 4 मामलों से घटकर शून्य रह गए हैं।गैर-इरादतन हत्या मामलों की संख्या शून्य पर पहुँच गई है। आपसी रंजिश और मारपीट के गंभीर मामले भी 27 से घटकर 24 पर पहुंच गए हैं।अपहरण श्रेणी के सामान्य मामलों में भी महत्वपूर्ण कमी देखी गई है। यह 14 से घटकर 8 रह गए हैं।
एसपी नीतीश अग्रवाल के कुशल निर्देशन में पलवल पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
पुलिस अधीक्षक पलवल नीतीश अग्रवाल के कुशल नेतृत्व, सुदृढ़ रणनीतिक योजना और कड़े दिशानिर्देशों के फलस्वरूप जिला पलवल में अपराध नियंत्रण की दिशा में अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस की सक्रिय मुस्तैदी और प्रभावी गश्त के कारण पिछले वर्ष की समान अवधि (01 अप्रैल से 31 मई) की तुलना में वर्ष 2026 के इन दो महीनों में जघन्य अपराधों, महिला विरुद्ध अपराधों और संपत्ति संबंधी अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।पुलिस अधीक्षक पलवल ने बताया कि अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, निम्नलिखित प्रमुख श्रेणियों में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और अपराधों में बड़ी कमी आई है। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के पुलिस अधीक्षक के विशेष प्रयासों के कारण महिला उत्पीड़न और अपहरण से जुड़े मामलों में भारी कमी आई है। शादी का झांसा देकर या जबरन किए जाने वाले *महिला अपहरण एवं अगवा करने के मामलों में भारी गिरावट आई है। 2025 में 12 मामले से घटकर 2026 में केवल 5 रह गए हैं। चोरी और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले गिरोहों पर नकेल कसने के कारण इस श्रेणी के कुल मामलों में 216से घटकर 175 रह गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस चेकिंग और नाकाबंदी के चलते वाहन चोरी के मामलों में 106 से घटकर 86 रह गए हैं। पुलिस चौकसी बढ़ने से स्नैचिंग के मामल10से घटकर 3 रह गए हैं।जबरन वसूली व ब्लैकमेलिंग के 4 मामलों से घटकर शून्य रह गए हैं।गैर-इरादतन हत्या मामलों की संख्या शून्य पर पहुँच गई है। आपसी रंजिश और मारपीट के गंभीर मामले भी 27 से घटकर 24 पर पहुंच गए हैं।अपहरण श्रेणी के सामान्य मामलों में भी महत्वपूर्ण कमी देखी गई है। यह 14 से घटकर 8 रह गए हैं।
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