दिव्यांग ललित कुमार की पीड़ा सुनने को कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठ गए उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर

हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार सोमवार को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित समाधान शिविर में उस समय एक मार्मिक, संवेदनशील, भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने जिला के गांव आली ब्राह्मण निवासी दिव्यांग व्यक्ति ललित कुमार की समस्या सुनने के लिए औपचारिकता से  ऊपर उठकर कुर्सी छोड़ जमीन पर बैठना उचित समझा। इस संवेदनशील व्यवहार ने न केवल उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया, बल्कि जिला प्रशासन पलवल के मानवीय चेहरे को भी उजागर किया। ललित कुमार के दोनों हाथ नहीं है, फिर भी वह पैर से लिख सकता है।सोमवार को जिला प्रशासन द्वारा लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे थे। इसी दौरान जिला के गांव आली ब्राह्मण निवासी एक दिव्यांग व्यक्ति ललित कुमार अपनी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से संबंधित समस्या लेकर शिविर में पहुंचा। शारीरिक असुविधा के कारण वह निर्धारित स्थान तक आसानी से नहीं पहुंच पा रहा था। जब उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल उसके पास जाकर उसकी स्थिति का जायजा लिया और उसकी  पीडा सुनी। दिव्यांग व्यक्ति को सहज महसूस कराने और उसकी बात विस्तार से सुनने के लिए उपायुक्त डा. छिल्लर स्वयं जमीन पर बैठ गए। उन्होंने पूरे धैर्य और संवेदनशीलता के साथ उसकी समस्या सुनी तथा संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। ललित कुमार ने उपायुक्त को अवगत कराया कि उसने गांव में घर खरीदा था जिसका पेंडिंग बिल उसके असली मालिक को देने की बजाए उसे भुगतान करने के लिए दिया जा रहा है। इस पर उपायुक्त ने हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पेंडिंग बिल पुराने मालिक से ही वसूल किया जाए।उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह का यह व्यवहार देखकर समाधान शिविर में मौजूद लोग भावुक हो उठे। लोगों ने कहा कि जिला प्रशासन का ऐसा मानवीय और संवेदनशील रूप बहुत कम देखने को मिलता है।दिव्यांग व्यक्ति ललित कुमार ने भी उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंहके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उसे उम्मीद नहीं थी कि कोई वरिष्ठ अधिकारी उसकी परेशानी को इतनी गंभीरता और आत्मीयता से सुनेगा। उसने कहा कि आज उसे महसूस हुआ कि जिला प्रशासन वास्तव में आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।उपस्थित नागरिकों ने कहा कि शासन और जिला प्रशासन की सफलता केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में ही नहीं, बल्कि लोगों के प्रति संवेदनशील व्यवहार में भी निहित होती है। उपायुक्त का यह कदम समाज को यह संदेश देता है कि प्रत्येक व्यक्ति, चाहे वह किसी भी परिस्थिति में हो, सम्मान और संवेदना का अधिकार रखता है।पलवल में आयोजित समाधान शिविर में हुई यह वाक्या लोगों की चर्चा का विषय बना रहा। लोगों ने इसे प्रशासनिक सेवा के उस आदर्श स्वरूप का उदाहरण बताया, जहां अधिकारी केवल समस्याओं का समाधान ही नहीं करते, बल्कि मानवीय मूल्यों और सामाजिक सरोकारों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। उपायुक्त की इस संवेदनशील पहल ने यह साबित कर दिया कि जनसेवा का वास्तविक अर्थ लोगों के दुख-दर्द को समझना और उनके साथ खड़े रहना है।समाधान शिविर में अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद, सीटीएम प्रीति रावत जिला राजस्व अधिकारी बलराज सिंह दांगी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे

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