राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यम की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को बंधुआ मजदूरी से संबंधित मामलों की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंस (वीसी) आयोजित की गई। वीसी में पलवल जिला सहित हरियाणा के विभिन्न जिलों में स्थित ईंट-भट्टों में कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़े मामलों की सुनवाई ऑनलाइन माध्यम से की गई। अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यम ने बैठक में बंधुआ मजदूरी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पलवल से उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर वीसी से जुड़े।उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस उपरांत संबंधित विभागाध्यक्षों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंधुआ मजदूरी मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और जिला को बंधुआ मजदूरी मुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मिलकर जिला में बंधुआ मजदूरी पर अंकुश लगाएं। उन्होंने जिला में बंधुआ मजदूरी रोकने के लिए नियमित रूप से निगरानी करने, अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा पीड़ितों के पुनर्वास की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बंधुआ मजदूरी को लेकर सर्वोच्च न्यायालय एवं केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंधुआ मजदूरी के मामलों में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीड़ित को समयबद्ध राहत, कानूनी सहायता तथा पुनर्वास योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। बैठक में जिला श्रम विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
जिला को बंधुआ मजदूरी मुक्त बनाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक : उपायुक्त
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यम की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को बंधुआ मजदूरी से संबंधित मामलों की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंस (वीसी) आयोजित की गई। वीसी में पलवल जिला सहित हरियाणा के विभिन्न जिलों में स्थित ईंट-भट्टों में कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़े मामलों की सुनवाई ऑनलाइन माध्यम से की गई। अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यम ने बैठक में बंधुआ मजदूरी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पलवल से उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर वीसी से जुड़े।उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस उपरांत संबंधित विभागाध्यक्षों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंधुआ मजदूरी मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और जिला को बंधुआ मजदूरी मुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मिलकर जिला में बंधुआ मजदूरी पर अंकुश लगाएं। उन्होंने जिला में बंधुआ मजदूरी रोकने के लिए नियमित रूप से निगरानी करने, अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा पीड़ितों के पुनर्वास की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बंधुआ मजदूरी को लेकर सर्वोच्च न्यायालय एवं केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंधुआ मजदूरी के मामलों में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीड़ित को समयबद्ध राहत, कानूनी सहायता तथा पुनर्वास योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। बैठक में जिला श्रम विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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