एन टी ए की विफलता और केंद्र सरकार द्वारा उत्तरदायित्व का निर्वाह ना किए जाने के विरोध में जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक हड़ताल कर रहे सोनम वांगचूक को जबरदस्ती उठाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व किसान मोर्चा के आह्वान पर आज जाट धर्मशाला पलवल में आयोजित विरोध कार्यक्रम में उक्त मांग की गई।रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला सचिव हरिचंद वर्मा द्वारा संचालित कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान नेता रूपराम तेवतिया ने की। कार्यक्रम में बोलते हुए किसान नेता रूप राम तेवतिया व सीटू जिला प्रधान राम रति चौहान ने बताया कि एन टी ए की विफलता और केंद्र सरकार द्वारा अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह न करने के विरोध में आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचूक को केंद्र सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा जबरदस्ती उठाना किसी कीमत पर लोकतांत्रिक नहीं है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आंदोलनरत छात्रों से वार्ता कर मांगों का समाधान करने की बजाय तानाशाही रवैये पर उत्तर आई है l लोकतान्त्रिक अधिकारों के अनुरूप 20 जून से छात्र दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर धरना तथा अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं l वैज्ञानिक सोनम वांगचूक भी छात्रों के समर्थन में अनशन पर बैठे हैं ।भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे सहित शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की मांग कर रहे हैं।नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे छात्रों और सोनम वांगचूक के खिलाफ की जा रही दमनात्मक कार्रवाई लोकतान्त्रिक अधिकरों का हनन है। जन्तर मन्तर पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचूक को जबरदस्ती उठा लेना निंदनीय है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दमन के सहारे आंदोलन को कुचलना चाहती है।देश का छात्र-नौजवान भाजपा सरकार के मंसूबों को सफल नहीं होने देगा।यूनियन नेताओं ने सरकार से आंदोलनरत छात्रों की मांगों को बातचीत के माध्यम से स्वीकार करना चाहिए।विरोध कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए जनता से छात्रों की मांगों का समर्थन का आह्वान किया। किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि 22 जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वाहन पर अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के खिलाफ़ केन्द्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के आवास पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। कार्यक्रम में यूनियन नेता ताराचंद,दरियाब सिंह,,उर्मिला रावत, कृष्णा, रमेश सौरोत, नेमचंद शर्मा,महाराम एडवोकेट, गोविन्द राम, चंदीराम चंदेलिया, किशन चन्द शर्मा, समय राम कुंडू, चंद्रमणि आर्य, करण सिंह आर्य ने संबोधित किया
सोनम वांगचूक को जबरदस्ती उठाने की घटना के विरोध में किया प्रदर्शन
एन टी ए की विफलता और केंद्र सरकार द्वारा उत्तरदायित्व का निर्वाह ना किए जाने के विरोध में जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक हड़ताल कर रहे सोनम वांगचूक को जबरदस्ती उठाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व किसान मोर्चा के आह्वान पर आज जाट धर्मशाला पलवल में आयोजित विरोध कार्यक्रम में उक्त मांग की गई।रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला सचिव हरिचंद वर्मा द्वारा संचालित कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान नेता रूपराम तेवतिया ने की। कार्यक्रम में बोलते हुए किसान नेता रूप राम तेवतिया व सीटू जिला प्रधान राम रति चौहान ने बताया कि एन टी ए की विफलता और केंद्र सरकार द्वारा अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह न करने के विरोध में आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचूक को केंद्र सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा जबरदस्ती उठाना किसी कीमत पर लोकतांत्रिक नहीं है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आंदोलनरत छात्रों से वार्ता कर मांगों का समाधान करने की बजाय तानाशाही रवैये पर उत्तर आई है l लोकतान्त्रिक अधिकारों के अनुरूप 20 जून से छात्र दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर धरना तथा अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं l वैज्ञानिक सोनम वांगचूक भी छात्रों के समर्थन में अनशन पर बैठे हैं ।भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे सहित शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की मांग कर रहे हैं।नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे छात्रों और सोनम वांगचूक के खिलाफ की जा रही दमनात्मक कार्रवाई लोकतान्त्रिक अधिकरों का हनन है। जन्तर मन्तर पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचूक को जबरदस्ती उठा लेना निंदनीय है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दमन के सहारे आंदोलन को कुचलना चाहती है।देश का छात्र-नौजवान भाजपा सरकार के मंसूबों को सफल नहीं होने देगा।यूनियन नेताओं ने सरकार से आंदोलनरत छात्रों की मांगों को बातचीत के माध्यम से स्वीकार करना चाहिए।विरोध कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए जनता से छात्रों की मांगों का समर्थन का आह्वान किया। किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि 22 जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वाहन पर अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के खिलाफ़ केन्द्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के आवास पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। कार्यक्रम में यूनियन नेता ताराचंद,दरियाब सिंह,,उर्मिला रावत, कृष्णा, रमेश सौरोत, नेमचंद शर्मा,महाराम एडवोकेट, गोविन्द राम, चंदीराम चंदेलिया, किशन चन्द शर्मा, समय राम कुंडू, चंद्रमणि आर्य, करण सिंह आर्य ने संबोधित किया
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