देवशयनी एकादशी शनिवार को हजारों भक्तजनों ने पलवल जिले के उपमंड़ल होडल के शेषसाई मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा के दर्शन किए। इसका पैराणिक व धार्मिक विशेष महत्तव है। आज के दिन भगवान विष्णु चार महिनों के लिए शयन के लिए चले जाएंगे तथा आज से सभी मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। आज के बाद देवएठनी एकादशी पर ही भगवान को जगा कर मांगलिक कार्यों का श्ुाभारंभ किया जाएगा। आज के ही दिन व्रत रखने से सभी प्रकार के जाने व अंजाने पापों का नाश होता है व शत्रुओं पर विजय का लाभ भी उनको प्राप्त होता है। इस दिन कई नर नारी व्रत भी रखते हैं। इस दिन सुबह जल्दी नहा कर व्रत का आरम्भ किया जाता है व रात को ही इस व्रत को खोला जाता है। आज के दिन दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश के हजारों नर नारी शेषसाई मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं तथा यहां पर स्थित क्षीर सागर तालाब में नहा कर मंगला आरती ले कर भगवान लक्ष्मीनारायण के दर्शन करते हैं। शेषसाई मंदिर में पूरे भारत में एकमात्र भगवान विष्णु की शेषसईया पर लेटी हुई लक्ष्मी जी द्वारा चरण दबाते हुए मूर्ति स्थित है। जिसके दर्शन करने के लिए प्रत्येक एकादशी पर हजारों की संख्या में नर नारी आ कर पुण्य की प्राप्ती करते हैं। एकादशी पर कई भक्तजन पैदल ही होडल से से शेषसाई मंदिर के लिए जाते हैं और यहां पर स्थित क्षीर सागर में स्नान करके इस क्षीर सागर तालाब की परिक्रमा करते हैं। यहां पर अनेकों नागरिकों के द्वारा अपनी मन्नत पूरी होने के बाद भंडारे का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों नर,नारी प्रसाद ग्रहण करते हैं।
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