मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद पलवल जितेंद्र कुमार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों एवं ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले की सभी ग्राम पंचायतों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में चरणबद्ध तरीके से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था लागू की जाएगी तथा ग्रामीणों को कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के प्रति जागरूक किया जाएगा।उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतें गांवों में स्वच्छता एवं कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रमुख स्थानों पर बैनर, दीवार लेखन एवं वाल पेंटिंग करवाएं, ताकि ग्रामीणों को कचरे के अलग-अलग प्रकार एवं उनके उचित निस्तारण की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छ गांव-सुरक्षित गांव का लक्ष्य तभी प्राप्त होगा, जब प्रत्येक नागरिक इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा।मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक परिवार को अपने घर में चार प्रकार के कूड़ेदान रखने चाहिए। हरे रंग के कूड़ेदान में जैविक एवं गलने योग्य कचरा, नीले रंग के कूड़ेदान में प्लास्टिक, पॉलीथिन, कांच, धातु एवं कपड़े जैसे पुनर्चक्रण योग्य कचरे का संग्रह किया जाए। लाल रंग के कूड़ेदान में सैनिटरी नैपकिन एवं अन्य जैव-चिकित्सीय प्रकृति के घरेलू कचरे का निस्तारण किया जाए, जबकि काले रंग के कूड़ेदान में इलेक्ट्रॉनिक कचरा (ई-वेस्ट), अनुपयोगी दवाइयां तथा अन्य खतरनाक (हैजार्डस) कचरा एकत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें भी इसी प्रणाली के अनुसार कचरे का पृथक्करण एवं निस्तारण सुनिश्चित करें, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।जितेंद्र कुमार ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी है कि वे ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 का पूर्ण रूप से पालन करें तथा ग्रामीणों को भी इन नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करता है तो संबंधित पंचायत नियमानुसार जुर्माना भी लगाए। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में चयनित ग्राम पंचायतों में इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। इसके बाद जिले की सभी ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था शुरू की जाएगी।मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए जिले के सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों (बीडीपीओ) के माध्यम से संबंधित ग्राम पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी का अभियान बनाकर अपने गांव को स्वच्छ, सुंदर एवं सुरक्षित बनाने में सहयोग करें।
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