पलवल में बिक रही मिलावटी मिठाइयों पर नहीं लग पा रही रोक

पलवल में बिक रही मिलावटी मिठाइयों पर संबंधित विभाग द्वारा कोई रोक नहीं लगाए जाने से नागरिकों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने का कार्य किया  रहा है। पलवल जिले में इस समय तीज के त्यौहार को देखते हुए खोवे के घेवर व खोवे से बनी हुई मिठाइयों की बिक्री हो रही है। हलवाइयों के द्वारा खोवे के घेवर तथा खोवे से बनी हुई मिठाइयों का निर्माण करके उनको बेचने का कार्य किया जा रहा है ।आगामी तीज के त्यौहार को देखते हुए हलवाइयों के द्वारा भारी मात्रा में अपने गोदाम पर घेवर का निर्माण किया जा रहा है। हलवाइयों की दुकानों पर बिकने वाली मिठाईयां पर हलवाइयों के द्वारा उनके बने तथा उनके ठीक रहने की कोई भी तारीख अंकित नहीं की जाती है । मानकों के अनुसार प्रत्येक खाने-पीने की चीजों पर उसके निर्माण तथा उसके एक्सपायर होने की तारीख अंकित करना अनिवार्य है, लेकिन पलवल जिले के हथीन, होडल ,पलवल उपमंडलों में हलवाइयों के द्वारा बेचे जाने वाली मिठाइयों पर इस प्रकार की कोई भी तारीख अंकित नहीं की जाती है। मुख्यमंत्री के 4 अगस्त होडल आगमन पर भी उनको परोसे जाने वाली मिठाई पर इस प्रकार की कोई तारीख अंकित नहीं होने के कारण उनकी सुरक्षा में लगी हुई टीम के द्वारा उस मिठाई को हटा दिया गया था तथा पलवल जिले में बिकने वाली मिठाइयों की जांच के आदेश प्रदान किए गए थे। पलवल जिले में बिकने वाली मिठाई की कोई भी जांच संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा समय-समय पर नहीं की जाती है। अधिकारियों के द्वारा मिठाइयों के सैंपल नहीं भरे जाने के कारण  मिलावटी मिठाइयों का निर्माण करने वाले हलवाइयों के द्वारा खुलेआम मिलावटी खोवे की मिठाईयां को जमकर बेचने का कार्य किया जा रहा है। पलवल जिले में बिकने वाली मिठाइयों के रूप में नागरिकों को धीमा जहर भरोसा जा रहा है । इन मिठाइयों में प्रयोग होने वाले खोवे को पलवल से सटे मेवात क्षेत्र में से मंगाया जाता है। जहां पर पिछले दिनों मिलावटी खोवे की एक फैक्ट्री को पकड़ा गया था ।इस खोवे से बनी मिठाइयों को खाने से नागरिकों के स्वास्थ्य पर भारी दुष्प्रभाव पड़ता है। जिस कारण से पलवल जिले में हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है । सैंपल विभाग के अधिकारियों के द्वारा मिलावटी मिठाइयों के सैंपल नहीं भरे जाने के कारण इनको बेचने वाले हलवाई इनको खुलेआम बेचने का कार्य कर रहे हैं। त्योहार के दिनों में भी इन मिलावटी मिठाइयों पर रोक लगाने के लिए मिठाइयों का सैंपल भी नहीं लिया जाता है। जिस कारण से त्योहारों में नागरिक खोवे से बने घेवर तथा खोवे से बनी हुई मिठाईयां को खरीद कर अपने आप को नुकसान पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। नागरिकों ने जिला प्रशासन से मिलावटी मिठाइयों का सैंपल भरे कर इनको बेचने वाले हलवाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि नागरिकों के स्वास्थ्य को पहुंच रहे नुकसान से उनको बचाया जा सके।

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