संयुक्त किसान मोर्चा एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सोमवार को पलवल में मजदूरों, किसानों, एवं विभिन्न जनसंगठनों ने जेल भरो एवं सत्याग्रह आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर-किसान शामिल हुए और सरकार की मजदूर एवं किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की।कार्यक्रम वेंकट हॉल, कुशलीपुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान सभा के जिला प्रधान रूप राम तेवतिया, किसान नेता गजराज सिंह पूर्व सरपंच घोड़ी व सीटू जिला प्रधान राम रति चौहान ने तथा संचालन किसान मोर्चा और किसान सभा के नेता धर्म चन्द घुधेरा ने किया।आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए किसान मोर्चा पलवल के नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान व सीटू जिला सचिव उर्मिला रावत ने सरकार की नीतियों पर बोलते हुए कहा केंद्र एवं राज्य सरकार अमेरिका और कारपोरेट घरानों के दवाब में देश के किसान, मजदूर और कर्मचारियों को बर्बाद करने पर तुली है जिससे देश का किसान और कृषि संकट में पड़ जाएगी इन्हीं नीतियों के कारण मजदूरों, किसानों, कर्मचारियों और आम जनता के अधिकार एवं आजीविका प्रभावित हो रही है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार किसान मजदूर की समस्याओं का समाधान करने के बजाय अमेरिका के साथ व्यापार समझौता कर किसान और खेती को संकट में डाल रही है सरकार को निजीकरण, ठेका प्रथा और श्रम अधिकारों में कटौती जैसी नीतियों को बढ़ावा देने से बाज आना चाहिए। किसान मजदूर को बचाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, किसान मजदूर की कर्ज माफी, न्यूनतम वेतन ₹30000 लागू करने, कच्चे कर्मचारियों और परियोजना कर्मियों को पक्का करना चाहिए तथा श्रमिक विरोधी लेबर कोड़ वापस किए जाने चाहिए। किसान मोर्चा के नेता धर्म चन्द घुधेरा, उदय सिंह सरपंच और सीटू नेता रमेश सौरोत ने कहा कि बिजली-पानी की उचित व्यवस्था तथा कृषि क्षेत्र को मजबूत करने वाली नीतियां लागू होनी चाहिए। वहीं मजदूरों के लिए सम्मानजनक न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार की गारंटी तथा ठेका प्रथा पर रोक लगाई जाए। किसान नेताओं ने बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का पूर्ण समर्थन किया। वक्ताओं ने कहा कि मजदूर-किसान एकता के बल पर ही जनविरोधी नीतियों का मुकाबला किया जा सकता है। सरकार यदि मजदूरों और किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आंदोलन को आने वाले दिनों में और व्यापक किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से सी टी एम को मांगों का ज्ञापन सौंपा और सभी परियोजना कर्मियों, किसानों और मजदूरों ने सामूहिक गिरफ्तारी दी।इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियन के नेत ताराचंद प्रधान जयनारायण पाल पंच, दरयाब सिंह, बलजीत सिंह शास्त्री , जितेंद्र तेवतिया, मूल चन्द बडगूजर,चेतराम मेंबर,राज पांचाल सोनवती, श्रीपाल भाटी,जगवती डागर,नरेश राजपूत नेमचंद्र शर्मा,रणजीत सिंह, छिद्धि सरपंच, प्रभु दयाल आर्य,जवाहर सिंह रावत, कृष्णा बघेल, सोनवती ने संबोधित किया।
जेल भरो व सत्याग्रह आंदोलन में उमड़ा जनसैलाब
संयुक्त किसान मोर्चा एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सोमवार को पलवल में मजदूरों, किसानों, एवं विभिन्न जनसंगठनों ने जेल भरो एवं सत्याग्रह आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर-किसान शामिल हुए और सरकार की मजदूर एवं किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की।कार्यक्रम वेंकट हॉल, कुशलीपुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान सभा के जिला प्रधान रूप राम तेवतिया, किसान नेता गजराज सिंह पूर्व सरपंच घोड़ी व सीटू जिला प्रधान राम रति चौहान ने तथा संचालन किसान मोर्चा और किसान सभा के नेता धर्म चन्द घुधेरा ने किया।आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए किसान मोर्चा पलवल के नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान व सीटू जिला सचिव उर्मिला रावत ने सरकार की नीतियों पर बोलते हुए कहा केंद्र एवं राज्य सरकार अमेरिका और कारपोरेट घरानों के दवाब में देश के किसान, मजदूर और कर्मचारियों को बर्बाद करने पर तुली है जिससे देश का किसान और कृषि संकट में पड़ जाएगी इन्हीं नीतियों के कारण मजदूरों, किसानों, कर्मचारियों और आम जनता के अधिकार एवं आजीविका प्रभावित हो रही है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार किसान मजदूर की समस्याओं का समाधान करने के बजाय अमेरिका के साथ व्यापार समझौता कर किसान और खेती को संकट में डाल रही है सरकार को निजीकरण, ठेका प्रथा और श्रम अधिकारों में कटौती जैसी नीतियों को बढ़ावा देने से बाज आना चाहिए। किसान मजदूर को बचाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, किसान मजदूर की कर्ज माफी, न्यूनतम वेतन ₹30000 लागू करने, कच्चे कर्मचारियों और परियोजना कर्मियों को पक्का करना चाहिए तथा श्रमिक विरोधी लेबर कोड़ वापस किए जाने चाहिए। किसान मोर्चा के नेता धर्म चन्द घुधेरा, उदय सिंह सरपंच और सीटू नेता रमेश सौरोत ने कहा कि बिजली-पानी की उचित व्यवस्था तथा कृषि क्षेत्र को मजबूत करने वाली नीतियां लागू होनी चाहिए। वहीं मजदूरों के लिए सम्मानजनक न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार की गारंटी तथा ठेका प्रथा पर रोक लगाई जाए। किसान नेताओं ने बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का पूर्ण समर्थन किया। वक्ताओं ने कहा कि मजदूर-किसान एकता के बल पर ही जनविरोधी नीतियों का मुकाबला किया जा सकता है। सरकार यदि मजदूरों और किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आंदोलन को आने वाले दिनों में और व्यापक किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से सी टी एम को मांगों का ज्ञापन सौंपा और सभी परियोजना कर्मियों, किसानों और मजदूरों ने सामूहिक गिरफ्तारी दी।इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियन के नेत ताराचंद प्रधान जयनारायण पाल पंच, दरयाब सिंह, बलजीत सिंह शास्त्री , जितेंद्र तेवतिया, मूल चन्द बडगूजर,चेतराम मेंबर,राज पांचाल सोनवती, श्रीपाल भाटी,जगवती डागर,नरेश राजपूत नेमचंद्र शर्मा,रणजीत सिंह, छिद्धि सरपंच, प्रभु दयाल आर्य,जवाहर सिंह रावत, कृष्णा बघेल, सोनवती ने संबोधित किया।
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