इंडस्ट्री के साथ साझेदारी में एसवीएसयू की शानदार उपलब्धि

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को नए आयाम देने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय ने विभिन्न क्षेत्रों की आठ नामी कंपनियों और औद्योगिक संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे विद्यार्थियों के लिए ऑन द जॉब ट्रेनिंग और सीधे रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार की उपस्थिति में कुलसचिव सुमन वशिष्ठ ने सभी आठों समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने एक साथ आठ औद्योगिक साझेदारों के साथ हुए इन करारों को विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि बताते हुए इंडस्ट्री रिलेशन्स एन्ड एलुमनी एफेयर्स डिपॉर्टमेंट की निदेशक चंचल भारद्वाज को बधाई दी। आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में नई दिल्ली की एनआईआईटी फाउंडेशन के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा में प्रशिक्षण के लिए समझौता किया गया। फॉउण्डेशन के क्षेत्रीय प्रमुख नीलेश खन्ना ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। एयर लाइन्स ऑपरेशन्स के क्षेत्र में प्रशिक्षण हेतु नई दिल्ली की एसयूएएस लॉजिस्टिक्स के साथ समझौता हुआ, जहाँ कंपनी की ओर से विवेक जोहरी उपस्थित रहे। इसके साथ ही यमुनानगर की ईएसएनएस संस्था के साथ एआई और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में युवाओं के कौशल विकास के लिए हाथ मिलाया गया, जहाँ इसके संस्थापक व अध्यक्ष एसके गुप्ता उपस्थित रहे। अहमदाबाद की सीएसआरबॉक्स भारत केयर्स के साथ आईबीएम स्किल्सबिल्ड पाठ्यक्रमों के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करने पर सहमति बनी, जिसमें कम्पनी की ओर से राघव और सह प्रबंधक उज्मा उरूज मौजूद रहीं। हुनर संगीत महाविद्यालय फरीदाबाद के साथ संगीत एवं प्रदर्शन कला संकाय के पाठ्यक्रमों के लिए शैक्षणिक सहयोग तय हुआ, जहाँ संस्थान के निदेशक प्रसून मुखर्जी उपस्थित थे। एमए इंग्लिश के विद्यार्थियों की ट्रेनिंग के लिए फरीदाबाद की एचटीएनएम लिमिटेड के साथ करार हुआ। इस दौरान कंपनी के निदेशक नितिन गुप्ता व सुश्री शालिनी सारस्वत उपस्थित थे। मैकेनिकल मैनुफेक्चरिंग के क्षेत्र में ट्रेनिंग के उद्देश्य से फरीदाबाद की डीसीएम कंटेनर्स के साथ करार हुआ है। इस दौरान उप प्रबंधक (एचआर) सुमित शर्मा उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त रेवाड़ी स्थित बावल के टेक्निको इंडस्ट्रीज लिमिटेड में 300 प्रशिक्षुओं के लिए कार्यस्थल प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, जहाँ कंपनी के सहायक महाप्रबंधक (एचआर) दिनेश चौधरी अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय का मुख्य ध्येय विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योग की व्यावहारिक जरूरतों के अनुरूप कुशल बनाना है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, विमानन परिचालन, संगीत और निर्माण जैसे विविध क्षेत्रों में हुए इन करारों से छात्रों को सीधा औद्योगिक अनुभव मिलेगा और उनका भविष्य अधिक सशक्त बनेगा। निदेशक चंचल भारद्बाज ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ, उप निदेशक अमीष अमेया, पंकज शर्मा, नीरू क्लेर और सहायक उप निदेशक नीलम भी उपस्थित थीं।

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