हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान नीलोखेड़ी, ग्रामीण विकास विभाग हरियाणा तथा जिला ग्रामीण विकास एजेंसी पलवल के सहयोग से मंगलवार को जिला के हथीन स्थित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मुख्य आतिथ्य में पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में ‘विकसित भारत जी राम जी अधिनियम-2025’ को लेकर पंचों एवं पंचायत प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि गांवों के विकास में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंचायत प्रतिनिधि सरकार और ग्रामीण जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने विकास कार्यों में पारदर्शिता, जनभागीदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब स्थानीय जनप्रतिनिधि सक्रिय रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों तक पहुंचाने और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी नजर रखने का आह्वान किया।उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि ‘विकसित भारत जी राम जी अधिनियम-2025’ ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य गांवों में रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और विकास कार्यों को मजबूत करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना है। अधिनियम के माध्यम से पंचायतों की भूमिका को सशक्त बनाने, स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया है। इससे ग्रामीण नागरिकों को बेहतर अवसर एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने और विकसित भारत के लक्ष्य को गांवों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।सम्मेलन में विकसित भारत के लक्ष्य, ग्रामीण विकास, पंचायतों की भूमिका तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। पंचों को योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास में उनकी भागीदारी के संबंध में आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई।कार्यक्रम के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने भी ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और आवश्यकताओं को सामने रखा। अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने उनके सवालों का समाधान करते हुए संबंधित विषयों पर जानकारी दी।सम्मेलन का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास से संबंधित प्रावधानों, योजनाओं और उनकी भूमिका के बारे में जागरूक करना तथा जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संवाद स्थापित करना था।इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जितेंद्र कुमार, उपमंडल अधिकारी (ना.) हरिराम, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी संदीप कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा, सहायक प्रोफेसर संदीप कुमार, अध्यक्ष पंचायत समिति असलम सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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