मंडी में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें, फसल लेकर घंटों इंतजार करने को मजबूर किसान; व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

धान की खरीद का सीजन शुरू होते ही होडल अनाज मंडी में धान की बंपर आवक देखने को मिल रही है। दूर-दराज के गांवों से किसान अपनी मेहनत से तैयार की गई धान की फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन गेट पास की व्यवस्था सुचारू नहीं होने के चलते किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी के गेट पर गेट पास कटवाने के लिए किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिसके कारण मंडी परिसर और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की भीड़ बढ़ती जा रही है।
किसानों की मेहनत मंडी के बाहर कतारों में फंसी
किसानों का कहना है कि उन्होंने कई महीनों तक खेतों में मेहनत कर धान की फसल तैयार की। फसल तैयार होने के बाद जब उसे बेचने के लिए मंडी में लेकर पहुंचे तो यहां उन्हें दूसरी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गेट पास नहीं कटने के कारण किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कतारों में खड़ी हैं।
किसानों के मुताबिक, एक ओर धान की आवक लगातार बढ़ रही है और दूसरी ओर गेट पास जारी करने तथा खरीद प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त गति नजर नहीं आ रही। ऐसे में किसान यह समझ नहीं पा रहे कि अपनी फसल की बिक्री के लिए उन्हें और कितना इंतजार करना पड़ेगा।
मंडी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
धान की बंपर आवक को देखते हुए मंडी में पहले से ही व्यापक तैयारियों की जरूरत थी। किसानों और आढ़तियों का सवाल है कि जब धान के सीजन में बड़ी संख्या में किसान मंडी पहुंचने वाले थे, तो गेट पास और खरीद व्यवस्था को लेकर पहले से पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
किसानों का कहना है कि यदि गेट पास की प्रक्रिया में इसी तरह देरी होती रही तो आने वाले दिनों में मंडी में भीड़ और अधिक बढ़ सकती है। इससे न केवल किसानों को परेशानी होगी, बल्कि मंडी की पूरी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
घंटों इंतजार से किसानों का बढ़ रहा खर्च
मंडी में इंतजार करने का सीधा असर किसानों की जेब पर भी पड़ रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर लंबे समय तक खड़े रहने से समय और ईंधन दोनों की खपत होती है। किसान चाहते हैं कि उनकी फसल की प्रक्रिया जल्द पूरी हो, ताकि वे समय पर घर लौट सकें और अगली कृषि गतिविधियों की तैयारी कर सकें।
किसानों का कहना है कि सरकार किसानों की फसल खरीदने के लिए व्यवस्था करने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर गेट पास जैसी प्राथमिक प्रक्रिया में ही यदि किसानों को परेशानी उठानी पड़े तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
किसानों ने प्रशासन से लगाई व्यवस्था सुधारने की गुहार
किसानों ने संबंधित विभाग और मंडी प्रशासन से मांग की है कि धान की बढ़ती आवक को देखते हुए गेट पास जारी करने की प्रक्रिया को तेज किया जाए, पर्याप्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए और खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाया जाए।
किसानों का कहना है कि मंडी में आने वाली प्रत्येक ट्रैक्टर-ट्रॉली के लिए स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि किसी किसान को अपनी फसल लेकर अनावश्यक रूप से घंटों इंतजार न करना पड़े।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है आवक
धान की कटाई तेज होने के साथ आने वाले दिनों में मंडी में आवक और बढऩे की संभावना है। ऐसे में यदि अभी से गेट पास और खरीद व्यवस्था को व्यवस्थित नहीं किया गया तो स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। मंडी में गेट पास नहीं काटने का मुख्य कारण मार्केट कमेटी अधिकारियों व आढ़तियों की आपसी सांठगांठ भी है । गेट पास नहीं काटने पर मंडी में आने वाले धान को सीधे प्राइवेट एजेंसियों को बेच दिया जाता है, जिससे मार्केट कमेटी विभाग को मार्केट फीस का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अब देखना यह होगा कि मंडी प्रशासन और संबंधित अधिकारी किसानों की इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और गेट पास तथा खरीद व्यवस्था को सुचारू करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

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