यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर पलवल में आयोजित मशाल यात्रा में जनसमूह उमड़ पड़ा। यात्रा में लोगों की भागीदारी के बीच यूजीसी के नियमों को लेकर विरोध के स्वर बुलंद हुए। कार्यक्रम के दौरान उठी आवाज ने इस मुद्दे पर आंदोलन को नई ऊर्जा देने का संदेश दिया।पलवल में जुटे लोगों ने यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। यात्रा में उमड़ी भीड़ के बीच यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि इस मांग को लेकर आवाज केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे दिल्ली तक पहुंचाया जाएगा।
पलवल बना विरोध की आवाज का केंद्रयूजीसी नेके नियमों को लेकर चल रही बहस के बीच पलवल में आयोजित इस मशाल यात्रा को विरोध दर्ज कराने के एक मंच के रूप में देखा जा रहा है। यात्रा में शामिल लोगों की मांग है कि संबंधित नियमों को वापस लिया जाए। अब इस मुद्दे पर आगे क्या रणनीति अपनाई जाती है, इस पर लोगों की नजरें टिकी हैं।
पलवल से दिल्ली तक आवाज पहुंचाने का संकल्पयात्रा में उमड़े जनसमूह के बीच यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग प्रमुखता से उठी। आयोजकों और प्रतिभागियों की ओर से आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही गई। ऐसे में पलवल से उठी यह आवाज आने वाले दिनों में दिल्ली तक पहुंचाने की मांग के रूप में सामने आ रही है।
पलवल में उमड़ी भीड़ ने यह साफ कर दिया कि यूजीसी के नियमों को लेकर विरोध दर्ज कराने के लिए लोग एकजुट होकर अपनी मांग उठा रहे हैं। इससे पहले भी पलवल के मीनार गेट पर यूजीसी के विरोध में एक प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। उसमें भी हजारों की संख्या में नागरिक एकत्रित हुए थे । उसके बाद कल निकाले गए मशाल जुलूस में शामिल जन सैलाब ने यह जता दिया है कि अगर जल्द ही सरकार ने इसको वापस नहीं लिया तो इसको लेकर एक विशाल आंदोलन चलेगा जो की पलवल से लेकर दिल्ली पर जाकर के समाप्त होगा और जब तक यूजीसी को वापस नहीं ले लिया जाता तब तक यह आंदोलन दिल्ली में ही चलेगा।
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