मुंडकटी में 21 अक्तूबर को 43वें विशाल दंगल का आयोजन किया जाएगा। मुंडकटी दंगल कमेटी की ओर से आयोजित इस दंगल में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के नामी पहलवान भाग लेंगे। दंगल की मुख्य कुश्ती एक लाख रुपये की होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के महानिदेशक आलोक कुमार मित्तल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।कमेटी के संयोजक रतन सिंह सौरौत ने बताया कि स्थानीय कुश्ती परंपरा को जीवित रखने और युवा पीढ़ी को इससे जोड़ने के उद्देश्य से कमेटी पिछले 42 वर्षों से लगातार दंगल का आयोजन कराती आ रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी विशाल दंगल आयोजित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि दंगल की खासियत यह है कि इसमें नूरा कुश्ती नहीं होती। पहलवानों की कुश्ती मौके पर ही आपस में हाथ मिलवाकर कराई जाती है। दंगल में विभिन्न राज्यों से आने वाले नामी पहलवान अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र की पारंपरिक कुश्ती संस्कृति को बढ़ावा देना और पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच उपलब्ध कराना है।
मुख्य कुश्ती एक लाख रुपये की होगी
मुंडकटी में 21 अक्तूबर को 43वें विशाल दंगल का आयोजन किया जाएगा। मुंडकटी दंगल कमेटी की ओर से आयोजित इस दंगल में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के नामी पहलवान भाग लेंगे। दंगल की मुख्य कुश्ती एक लाख रुपये की होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के महानिदेशक आलोक कुमार मित्तल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।कमेटी के संयोजक रतन सिंह सौरौत ने बताया कि स्थानीय कुश्ती परंपरा को जीवित रखने और युवा पीढ़ी को इससे जोड़ने के उद्देश्य से कमेटी पिछले 42 वर्षों से लगातार दंगल का आयोजन कराती आ रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी विशाल दंगल आयोजित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि दंगल की खासियत यह है कि इसमें नूरा कुश्ती नहीं होती। पहलवानों की कुश्ती मौके पर ही आपस में हाथ मिलवाकर कराई जाती है। दंगल में विभिन्न राज्यों से आने वाले नामी पहलवान अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र की पारंपरिक कुश्ती संस्कृति को बढ़ावा देना और पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच उपलब्ध कराना है।
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