हरियाणा सरकार में खेल एवं युवा अधिकारिता राज्य मंत्री गौरव गौतम ने पलवल स्कूल में आयोजित भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के प्रकटोत्सव एवं भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने आदिकवि महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए उनके जीवन, आदर्शों और शिक्षाओं को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं आज भी समाज को सत्य, सद्भावना, मर्यादा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति और साहित्य के महान प्रतीक हैं। उन्होंने पवित्र रामायण महाकाव्य की रचना कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों, उनके त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादापूर्ण जीवन का अमर वर्णन किया। रामायण केवल एक महाकाव्य नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला ऐसा ग्रंथ है, जिसकी शिक्षाएं पीढ़ी-दर-पीढ़ी समाज का मार्गदर्शन करती आ रही हैं।उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन हमें सिखाता है कि ज्ञान, सदाचार और सकारात्मक विचारों के माध्यम से व्यक्ति समाज में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। उनके विचार सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देते हैं। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने आचरण में उनके आदर्शों को अपनाए।गौरव गौतम ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हमारी समृद्ध भारतीय परंपराओं को संरक्षित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यालयों में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।मंत्री ने महर्षि वाल्मीकि जी के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि समाज में प्रेम, सद्भाव और परस्पर सम्मान की भावना को मजबूत करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिली। आयोजन ने उपस्थित लोगों को महर्षि वाल्मीकि जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
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