हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को उनके अनाज के सरकारी दामों पर बेचने तथा गेंहू की कालाबजारी करने वालों पर रोक लगाने के लाख प्रयासों के बाद भी पलवल जिले में गेंहू की कालाबजारी करने की व्यापारियों ने तैयारी आरम्भ कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पलवल जिले की पलवल, हसनपुर, हथीन, खांबी, होडल, दिघौट मंडियों में गेंहू की कुछ आवक आरम्भ हो गई है। मंडिय़ों में आने वाले इस गेंहू को मार्केट कमेटी विभाग के अधिकारियों के द्वारा भी रजिस्टर में दर्ज नहीं किया जा रहा है। कई मंडिय़ों में तो सरकारी दिशानिदेंशों के अनुसार मंड़ी में आने वाले गेंहू का गेट पास भी नहीं काटा जा रहा है। मंडिय़ों में आने वाले गेंहू को प्राईवेट व्यापारियों के द्वारा सस्ते दामों में खरीदा जा रहा है। हरियाणा सरकार द्वारा एक अप्रैल से गेंहू की सरकारी खरीद आरम्भ करने की घोषणा करने के बाद मंडियों में आने वाले गेंहू को प्राईवेट व्यापारियों के द्वारा सरकारी खरीद 2585 रूपए प्रति क्ंिवटल से कम दामों 2300- 2350 रूपए प्रति क्ंिवटल के हिसाब से खरीदा जा रहा है। मंड़ी में किसानों के द्वारा गेंहू को लाने पर उसको खुले आसमान के नीचे पड़े हेाने पर उसको बेचने की मजबूरी के चलते किसानों को सस्ते दामों में अपने गेंहू को बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। व्यापारियों के द्वारा इस गेंंहू को सस्ते दामों में खरीद कर अगामी एक अप्रैल से सरकारी खरीद आरम्भ होने पर इसको सरकारी रेट में बेच कर मोटा मुनाफ ा कमाने के लिए इस गेंहू को सस्ते दामों में खरीद कर इसका स्टॉक किया जा रहा है। मार्केट कमेटी पलवल सचिव नवनीत का कहना है कि अभी मंड़ी में गेंहू की ज्यादा आवक नहीं हेा पा रही है तथा अगर कोई व्यापारी इस प्रकार से स्टॉक करता है तो नागरिक उसकी जानकारी मार्केट कमेटी प्रशासन पलवल को दें, ताकि उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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