सिविल सर्जन डॉ. सतेंदर वशिष्ठ के कार्यालय में प्राप्त एक लिखित शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध चिकित्सीय गतिविधियों में संलिप्त एक महिला को काबू किया गया है। यह कार्रवाई कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार की देखरेख में गठित टीम द्वारा की गई।गठित टीम में पी.एन.डी.टी. नोडल अधिकारी डॉ. पंकज कुमार, नागरिक अस्पताल पलवल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक, एल.एम.ओ. डा. जिग्यासा सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे। टीम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की योजना बनाते हुए एक महिला को ग्राहक बनाकर मौके पर भेजा गया, ताकि शिकायत की सत्यता की पुष्टि की जा सके। योजना के तहत उक्त महिला को 500-500 रुपए के दो नोट (कुल 1000 रुपए ) दिए गए, जिनके नंबर पहले ही अंकित कर लिए गए थे। इसके अलावा 30 मार्च 2026 को लगभग प्रात: 11:30 बजे महिला सुषमा दाई के निवास स्थान पर पहुंची। जैसे ही लेन-देन एवं अवैध गतिविधि की पुष्टि हुई, टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। तलाशी के दौरान मौके से वही 500-500 रुपए के दो नोट बरामद किए गए, जिनके नंबर पहले से दर्ज किए गए थे और उनका मिलान किया गया। इसके अतिरिक्त मौके से एम.टी.पी. (गर्भ समापन) से संबंधित दवाइयां जैसे मिफेप्रिस्टोन व मिसोप्रोस्टोल, इंजेक्शन, सिरिंज तथा अन्य चिकित्सीय उपकरण भी बरामद किए गए। जांच व पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि सुषमा दाई द्वारा अपने घर पर अवैध रूप से एम.टी.पी. से संबंधित गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। पूरी कार्रवाई की मौके पर वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी करवाई गई तथा बरामद सामग्री को विधिवत सील कर सुरक्षित रखा गया। इसके उपरांत आरोपी महिला को पुलिस के हवाले कर दिया गया तथा उसके विरुद्ध एम.टी.पी. एक्ट के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है। सिविल सर्जन डा. सतेंदर वशिष्ठ ने स्पष्ट किया है कि जिला में किसी भी प्रकार की अवैध चिकित्सीय गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि कहीं इस प्रकार की गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करे।
एमटीपी से संबंधित गैरकानूनी कार्य करते हुए महिला काबू, दवाइयां व उपकरण बरामद
सिविल सर्जन डॉ. सतेंदर वशिष्ठ के कार्यालय में प्राप्त एक लिखित शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध चिकित्सीय गतिविधियों में संलिप्त एक महिला को काबू किया गया है। यह कार्रवाई कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार की देखरेख में गठित टीम द्वारा की गई।गठित टीम में पी.एन.डी.टी. नोडल अधिकारी डॉ. पंकज कुमार, नागरिक अस्पताल पलवल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक, एल.एम.ओ. डा. जिग्यासा सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे। टीम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की योजना बनाते हुए एक महिला को ग्राहक बनाकर मौके पर भेजा गया, ताकि शिकायत की सत्यता की पुष्टि की जा सके। योजना के तहत उक्त महिला को 500-500 रुपए के दो नोट (कुल 1000 रुपए ) दिए गए, जिनके नंबर पहले ही अंकित कर लिए गए थे। इसके अलावा 30 मार्च 2026 को लगभग प्रात: 11:30 बजे महिला सुषमा दाई के निवास स्थान पर पहुंची। जैसे ही लेन-देन एवं अवैध गतिविधि की पुष्टि हुई, टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। तलाशी के दौरान मौके से वही 500-500 रुपए के दो नोट बरामद किए गए, जिनके नंबर पहले से दर्ज किए गए थे और उनका मिलान किया गया। इसके अतिरिक्त मौके से एम.टी.पी. (गर्भ समापन) से संबंधित दवाइयां जैसे मिफेप्रिस्टोन व मिसोप्रोस्टोल, इंजेक्शन, सिरिंज तथा अन्य चिकित्सीय उपकरण भी बरामद किए गए। जांच व पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि सुषमा दाई द्वारा अपने घर पर अवैध रूप से एम.टी.पी. से संबंधित गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। पूरी कार्रवाई की मौके पर वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी करवाई गई तथा बरामद सामग्री को विधिवत सील कर सुरक्षित रखा गया। इसके उपरांत आरोपी महिला को पुलिस के हवाले कर दिया गया तथा उसके विरुद्ध एम.टी.पी. एक्ट के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है। सिविल सर्जन डा. सतेंदर वशिष्ठ ने स्पष्ट किया है कि जिला में किसी भी प्रकार की अवैध चिकित्सीय गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि कहीं इस प्रकार की गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करे।
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