
डीटीपी विभाग द्वारा आज दूसरे दिन भी वैध कॉलोनियों में तोडफ़ ोड़ की प्रक्रिया जारी रही। अदालत के आदेश पर 22 अप्रैल तक किए गए अवैध कब्जों को हटा कर अपनी रिपोर्ट अदालत में दाखिल करने के आदेश प्रदान करने के बाद अपनी कुम्भकरणीं नींद व कागजी कार्रवाही को करने के लिए दूसरे दिन भी डीटीपी अनिल मलिक के नेत्तृव में पलवल की ओमेक्स सिटी, तरंग, रूडको, माही बिल्डऱ, अशोका, मनसा ग्रीन, वाल्मेक वैध कॉलोनियों में भी जेसीबी की सहायता से मकान मालिकों के द्वारा मेन मार्गों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाही अमल में लाई गई। डीटीपी विभाग की इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिसबल की मौजूदगी के कारण ही नागरिकों के द्वारा किया गया विरोध कमजोर पड़ गया तथा डीटीपी विभाग द्वारा लगातार कई सालों पहले किए गए अक्रिमण को अदालत के आदेशों के अनुसार बगैर नोटिस दिए हटाने के लिए अपनी कुम्भकरणीं नींद से जागे डीटीपी विभाग ने मात्र खानापूर्ति करने के लिए अपनी कार्रवाई को समाप्त किया। डीटीपी अनिल मलिक का कहना है कि डीटीपी विभाग द्वारा आगे भी अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। लेकिन उनके यह दावे केवल मात्र दावे ही साबित होते नजर आ रहे हैं। क्योंकि दो दिनों से चली डीटीपी की कार्रवाई से पहले डीटीपी विभाग के द्वारा इन वैध कॉलोनियों में किया गया अतिक्रमण डीटीपी विभाग के अधिकारियों को दिखाई नहीं दिया था तथा अचानक ही दो दिनों लगातार इन कॉलोनियों में किया गया अतिक्रमण इनको दिखाई दे गया है तथा यह कार्रवाई भी केवल खानापूर्ति करती दिखाई दे रही है। अदालत द्वारा अगर डीटीपी विभाग के अधिकारियों की सम्पत्ति की जांच कराई जाए तो इनकी बिल्डऱों व अतिक्रमणकारियों के साथ सांठगांठ करने वालों के साथ मिलिभगत का पता लग सकता है।
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