तेज गर्मी आरम्भ होते ही पलवल में पीने के पानी की थैलियों व बोतलों के रूप में नागरिकों को धीमा जहर परोसा जा रहा है। उल्लेखनीय है की गर्मी के आरम्भ होने के साथ ही पलवल शहर में अनेकों स्थानों पर पानी की थैलियों व बोतलों का निर्माण किया जा रहा है। इन बोतलों व थैलियों के रूप में नागरिकों को धीमा जहर परोसा जा रहा है। इन थैलियों में भरे जाने वाले पानी की इनका निर्माण करने वालों के द्वारा किसी भी प्रकार की कोई जांच नहंीं कराई जाती है। इनके द्वारा बोतलों व थैलियों के ऊपर इनके निर्माण के तीन माह तक ठीक होने की छापी जाती है। लेकिन इनके द्वारा इन बोतलों व थैलियों पर निर्माण की कोई भी तारीख अंकित नहंीं की जाती है। इनके द्वारा पिछले कई माह की बोतलों व थैलियों को बेचा जाता है। इनके द्वारा नामी ब्रान्डों की पानी की बोतलों के लेबल की जगह पर उनसे मिलता हुआ रैपर ही इन पर लगाया जाता है। जिससे ग्राहक इनको नामी ब्रान्डों की पानी की बोतल व थैली समझ कर इनको नामी ब्रान्डों की बोतलों के रेट में ही खरीद लेता है। लेकिन खरीदने के बाद जब वह इनको किसी दूसरे ब्रान्ड़ के नाम से देखता है तो वह अपने आपको ठगा सा महसूस करता है। पानी की थैलियों की बिक्री सबसे ज्यादा पलवल क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही है। जहां ग्रामीण इनको गर्मी में अपनी प्यास बुझाने के लिए मिनरल वाटर समझ कर पी रहे हैं। लेकिन उनको पानी के रूप में यह धीमे जहर का कार्य करता है। इस पानी को पीने से यह शरीर में अनेकों रोगों को जन्म देता है। जो कि शरीर में धीमे जहर के रूप में कार्य करके किडनी व शरीर को भारी नुकसान पहुंचाता है। इसी पानी ाक ेपीने के कारण ही गावों में पीलिया जैसी बिमारी फ ैलती है। इस पानी का निर्माण करने वाले नागरिकों के ऊपर राजनेताओं का पूरा हाथ रहता है। जिस कारण वह अपने पानी की किसी भी प्रकार की कोई जांच नहीं कराते हैं व ना ही उनके द्वारा अपने पानी की थैलियों व बोतलों के ब्रॉन्ड का कोई रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। सरकारी नियमोंनुसार किसी भी पानी की थैली व बोतल का निर्माण करने से पहले उसका रजिस्ट्रेशन व पानी की जांच करानी आवश्यक होती है तथा समय- समय पर पानी की जांच करानी भी आवश्यक है। लेकिन पलवल में कानून की परवाह ना करते हुए खुलेआम अबैध रूप से पानी के रूप में धीमे जहर को बेचने का कार्य किया जा रहा है। मजे की बात यह है कि इस पानी को बेचने वाले नागरिकों के प्लांटों की जांच संबधित जांच विभाग के अधिकारियों की मिलिभगत के कारण ना करके इनको इस पानी को बेचने की छूट प्रदान कर नागरिकों की जान से खिलबाड़ करने की इनको पूरी छूट प्रदान की हुई है। नागरिकों ने पलवल शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की बोतलों व पानी की थैलियों के के रूप में बेचे जा रहे धीमे जहर पर रोक लगाने की मांग की है।
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