भाजपा कार्यालय पलवल में महिला जन आक्रोश सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य वीर ममता चौहान द्वारा किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता आशा भारद्वाज ने की। मंच संचालन भावना महलावत एवं किरण शर्मा द्वारा किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और अपने अधिकारों के समर्थन में आवाज बुलंद की।इस अवसर पर संयोजक वीर ममता चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि इस देश में नारी की पूजा होती है, फिर भी लंबे समय तक महिलाओं को उनके अधिकारों से दूर रखा गया। कांग्रेस पार्टी लगभग 60 वर्षों तक सत्ता में रही, लेकिन महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर ठोस निर्णय नहीं ले पाई।उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल संसद में पारित हुआ, जो नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।वीर ममता चौहान ने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी देने का मजबूत संकल्प है। अब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और समाज में अपनी मजबूत भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के समर्थन में आवाज उठाई और समाज में अपनी भागीदारी को मजबूत करने का संकल्प लिया।इस अवसर पर आशा भारद्वाज, भावना महलावत, किरण शर्मा, संगीता गर्ग, कृष्णा सिंह (अध्यापिका), सुशीला निगम एवं रजनी छावड़ा उपस्थित रही।कार्यक्रम के उपरांत कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया, जिसमें महिलाओं ने अपना रोष प्रकट किया।
60 साल सत्ता में रहकर भी महिलाओं को अधिकार नहीं मिला: वीर ममता चौहान
भाजपा कार्यालय पलवल में महिला जन आक्रोश सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य वीर ममता चौहान द्वारा किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता आशा भारद्वाज ने की। मंच संचालन भावना महलावत एवं किरण शर्मा द्वारा किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और अपने अधिकारों के समर्थन में आवाज बुलंद की।इस अवसर पर संयोजक वीर ममता चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि इस देश में नारी की पूजा होती है, फिर भी लंबे समय तक महिलाओं को उनके अधिकारों से दूर रखा गया। कांग्रेस पार्टी लगभग 60 वर्षों तक सत्ता में रही, लेकिन महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर ठोस निर्णय नहीं ले पाई।उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल संसद में पारित हुआ, जो नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।वीर ममता चौहान ने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी देने का मजबूत संकल्प है। अब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और समाज में अपनी मजबूत भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के समर्थन में आवाज उठाई और समाज में अपनी भागीदारी को मजबूत करने का संकल्प लिया।इस अवसर पर आशा भारद्वाज, भावना महलावत, किरण शर्मा, संगीता गर्ग, कृष्णा सिंह (अध्यापिका), सुशीला निगम एवं रजनी छावड़ा उपस्थित रही।कार्यक्रम के उपरांत कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया, जिसमें महिलाओं ने अपना रोष प्रकट किया।
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