हरियाणा सरकार में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के सार्थक प्रयासों से पलवल जिला को हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र (एचपीवीके) की सौगात मिलने जा रही है। जिला पलवल के गांव पातली खुर्द में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) द्वारा हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र (एचपीवीके) स्थापित करने के लिए परियोजना का प्रस्ताव स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी (एसएफसी) के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। इस परियोजना के बनने से क्षेत्र में पशुपालन, डेयरी विकास और पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा 23 फरवरी 2020 को जिला के गांव पातली खुर्द में हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र (एचपीवीके) स्थापित करने की घोषणा की गई थी, जो अब सिरे चढ़ती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री की घोषणा के उपरांत लुवास विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर 22 फरवरी 2023 को हरियाणा सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग को भेज दी गई थी।खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत डीपीआरके अनुसार इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 39. 31 करोड़ है। परियोजना को पांच वर्षों की अवधि को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव में आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाएं, प्रशिक्षण केंद्र, अनुसंधान इकाइयां तथा पशुपालकों के लिए तकनीकी सहायता सेवाएं विकसित करने की योजना शामिल है। परियोजना की प्रगति को लेकर 28 नवंबर 2023 को स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने की। बैठक में परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अब विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आवश्यक सूचनाएं एवं संशोधित प्रस्ताव समिति के समक्ष पुन: प्रस्तुत कर दिया गया है।खेल राज्य मंत्री ने कहा कि गांव पातली खुर्द में हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र की स्थापना होने से न केवल जिला पलवल बल्कि आसपास के जिलों के पशुपालकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यहां किसानों और पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों, उन्नत नस्लों, रोग नियंत्रण तथा डेयरी प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण के नए अवसर भी पैदा होंगे। आम नागरिकों ने इस परियोजना का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि केंद्र की स्थापना से क्षेत्र में पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा।
जिला के गांव पातली खुर्द में 39. 31 करोड़ से बनेगा लुवास का हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र : गौरव गौतम
हरियाणा सरकार में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के सार्थक प्रयासों से पलवल जिला को हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र (एचपीवीके) की सौगात मिलने जा रही है। जिला पलवल के गांव पातली खुर्द में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) द्वारा हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र (एचपीवीके) स्थापित करने के लिए परियोजना का प्रस्ताव स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी (एसएफसी) के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। इस परियोजना के बनने से क्षेत्र में पशुपालन, डेयरी विकास और पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा 23 फरवरी 2020 को जिला के गांव पातली खुर्द में हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र (एचपीवीके) स्थापित करने की घोषणा की गई थी, जो अब सिरे चढ़ती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री की घोषणा के उपरांत लुवास विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर 22 फरवरी 2023 को हरियाणा सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग को भेज दी गई थी।खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत डीपीआरके अनुसार इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 39. 31 करोड़ है। परियोजना को पांच वर्षों की अवधि को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव में आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाएं, प्रशिक्षण केंद्र, अनुसंधान इकाइयां तथा पशुपालकों के लिए तकनीकी सहायता सेवाएं विकसित करने की योजना शामिल है। परियोजना की प्रगति को लेकर 28 नवंबर 2023 को स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने की। बैठक में परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अब विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आवश्यक सूचनाएं एवं संशोधित प्रस्ताव समिति के समक्ष पुन: प्रस्तुत कर दिया गया है।खेल राज्य मंत्री ने कहा कि गांव पातली खुर्द में हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र की स्थापना होने से न केवल जिला पलवल बल्कि आसपास के जिलों के पशुपालकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यहां किसानों और पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों, उन्नत नस्लों, रोग नियंत्रण तथा डेयरी प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण के नए अवसर भी पैदा होंगे। आम नागरिकों ने इस परियोजना का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि केंद्र की स्थापना से क्षेत्र में पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा।
BB News 24 www.bbnews24.live