पलवल डोनर्स क्लब के मुख्य संयोजक आर्यवीर लॉयन डा. विकास मित्तल ने अपने जन्मदिन को समाजसेवा के लिए समर्पित करते हुए अपनी धर्मपत्नी श्रीमती अल्पना मित्तल के साथ ‘हर घर रक्तदाता’ अभियान के तहत रक्तदान किया। इस अवसर पर उन्होंने जन्मदिन को दिखावे के बजाय सेवा और मानवता से जोड़ने का प्रेरणादायक संदेश दिया।रक्तदान के दौरान डा. विकास मित्तल और अल्पना मित्तल ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। डा. विकास मित्तल ने कहा कि जन्मदिन जीवन का विशेष अवसर होता है और यदि इस दिन ऐसा कार्य किया जाए, जिससे किसी जरूरतमंद के जीवन में खुशियां लौट सकें, तो इससे बड़ी खुशी और कोई नहीं हो सकती।उन्होंने कहा कि आजकल जन्मदिन के नाम पर अनावश्यक खर्च और दिखावा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा,हम भी पैसे खर्च करके अपना जन्मदिन मना सकते थे, लेकिन उससे किसी जरूरतमंद को कोई लाभ नहीं मिलता। इसके विपरीत रक्तदान करने से हमारा रक्त किसी अनजान जरूरतमंद के जीवन को बचाने में काम आ सकता है। आज रक्तदान करके मुझे आत्मिक संतुष्टि मिली है। यदि हमारे रक्त से किसी जरूरतमंद का भला हो जाए और किसी की जिंदगी बच जाए, तो इससे बड़ा सौभाग्य हमारे लिए और क्या हो सकता है।अल्पना मित्तल ने कहा कि रक्तदान महादान है और स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और अन्य खुशी के अवसरों को समाजसेवा से जोड़ें। रक्तदान, पौधारोपण और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्य समाज के लिए उपयोगी होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक संतोष भी प्रदान करते हैं।
जन्मदिन पर रक्त की बूंदें बनीं किसी की जिंदगी की उम्मीद
पलवल डोनर्स क्लब के मुख्य संयोजक आर्यवीर लॉयन डा. विकास मित्तल ने अपने जन्मदिन को समाजसेवा के लिए समर्पित करते हुए अपनी धर्मपत्नी श्रीमती अल्पना मित्तल के साथ ‘हर घर रक्तदाता’ अभियान के तहत रक्तदान किया। इस अवसर पर उन्होंने जन्मदिन को दिखावे के बजाय सेवा और मानवता से जोड़ने का प्रेरणादायक संदेश दिया।रक्तदान के दौरान डा. विकास मित्तल और अल्पना मित्तल ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। डा. विकास मित्तल ने कहा कि जन्मदिन जीवन का विशेष अवसर होता है और यदि इस दिन ऐसा कार्य किया जाए, जिससे किसी जरूरतमंद के जीवन में खुशियां लौट सकें, तो इससे बड़ी खुशी और कोई नहीं हो सकती।उन्होंने कहा कि आजकल जन्मदिन के नाम पर अनावश्यक खर्च और दिखावा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा,हम भी पैसे खर्च करके अपना जन्मदिन मना सकते थे, लेकिन उससे किसी जरूरतमंद को कोई लाभ नहीं मिलता। इसके विपरीत रक्तदान करने से हमारा रक्त किसी अनजान जरूरतमंद के जीवन को बचाने में काम आ सकता है। आज रक्तदान करके मुझे आत्मिक संतुष्टि मिली है। यदि हमारे रक्त से किसी जरूरतमंद का भला हो जाए और किसी की जिंदगी बच जाए, तो इससे बड़ा सौभाग्य हमारे लिए और क्या हो सकता है।अल्पना मित्तल ने कहा कि रक्तदान महादान है और स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और अन्य खुशी के अवसरों को समाजसेवा से जोड़ें। रक्तदान, पौधारोपण और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्य समाज के लिए उपयोगी होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक संतोष भी प्रदान करते हैं।
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