जिले में आयोजित होने वाले विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भेजे जाने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होने का मामला सामने आ रहा है। सरकारी कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों से बच्चों को बुलाया जाता है, लेकिन इस दौरान उनकी नियमित कक्षाएं प्रभावित होती हैं। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि सरकारी आयोजनों की व्यवस्था में स्कूली बच्चों को शामिल करने के बजाय उनकी शिक्षा को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जा रही है।
सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का समय पढ़ाई, अभ्यास और परीक्षाओं की तैयारी के लिए निर्धारित होता है। ऐसे में जब विद्यार्थियों को किसी सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्कूल से बाहर भेजा जाता है, तो उनकी कक्षाएं छूट जाती हैं। यदि लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते हैं, तो इसका असर विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम और शैक्षणिक प्रदर्शन पर भी पड़ सकता है।
कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की भागीदारी पर उठ रहे सवाल
सरकारी कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की उपस्थिति से आयोजनों में भीड़ और उत्साह दिखाई देता है, लेकिन इसके लिए बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होना चिंता का विषय है। शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य देना है। ऐसे में यह जरूरी है कि कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान स्कूलों की नियमित पढ़ाई बाधित न हो।
बच्चों की पढ़ाई की भरपाई कौन करेगा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि कार्यक्रमों में शामिल होने के कारण जिन विद्यार्थियों की कक्षाएं छूट जाती हैं, उनकी पढ़ाई की भरपाई कैसे होगी? क्या संबंधित विभाग की ओर से छूटी हुई पढ़ाई के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है? क्या कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को भेजने से पहले उनकी शैक्षणिक गतिविधियों को ध्यान में रखा जाता है?इन सवालों पर शिक्षा विभाग और संबंधित प्रशासन को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी
सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन विद्यार्थियों की शिक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की भागीदारी स्वैच्छिक, सुरक्षित और उनकी पढ़ाई के अनुकूल होनी चाहिए। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी आयोजन के कारण स्कूलों की नियमित कक्षाएं अनावश्यक रूप से प्रभावित न हों। सरकारी विद्यालयों में अधिकतर एससी,बीसी समाज के विद्यार्थी पढ़ने के लिए जाते हैं। लगातार चल रहे सरकारी कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को ले जाने के कारण इनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई सुचारु रखने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।
BB News 24 www.bbnews24.live