राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पलवल में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026’ के अंतर्गत एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सेवा भावना से जुड़े नवाचारी मॉडलों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. सरला रावत ने की। डॉ. रावत ने अपने अध्यक्षीय भाषण में छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हमारे विद्यालय की बेटियां केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनमें समाज की समस्याओं को अपनी सोच से हल करने की क्षमता है। उन्होंने सभी प्रतिभागी छात्राओं को जिला और राज्य स्तर पर विद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त मुख्य अध्यापिका शक्ति मणि मंगला रहीं। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए छात्राओं को बताया कि सच्ची शिक्षा वही है जो समाज के काम आए। उन्होंने सभी मॉडलों का अवलोकन किया और छात्राओं शालू, सोनिया, कुमकुम, ममता और सोनिया द्वारा बनाए गए ‘कचरे से खाद’ मॉडल की विशेष रूप से सराहना की और उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी पूनम रावत ने पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन किया और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपये और राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार 5 लाख रुपये दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या द्वारा मुख्य अतिथि को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समस्त शिक्षकगण, एसएमसी सदस्य, अभिभावकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पलवल में कार्यक्रम आयोजित
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पलवल में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026’ के अंतर्गत एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सेवा भावना से जुड़े नवाचारी मॉडलों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. सरला रावत ने की। डॉ. रावत ने अपने अध्यक्षीय भाषण में छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हमारे विद्यालय की बेटियां केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनमें समाज की समस्याओं को अपनी सोच से हल करने की क्षमता है। उन्होंने सभी प्रतिभागी छात्राओं को जिला और राज्य स्तर पर विद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त मुख्य अध्यापिका शक्ति मणि मंगला रहीं। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए छात्राओं को बताया कि सच्ची शिक्षा वही है जो समाज के काम आए। उन्होंने सभी मॉडलों का अवलोकन किया और छात्राओं शालू, सोनिया, कुमकुम, ममता और सोनिया द्वारा बनाए गए ‘कचरे से खाद’ मॉडल की विशेष रूप से सराहना की और उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी पूनम रावत ने पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन किया और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपये और राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार 5 लाख रुपये दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या द्वारा मुख्य अतिथि को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समस्त शिक्षकगण, एसएमसी सदस्य, अभिभावकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।
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