दिवाली एवं त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों, मावा, पनीर और देसी घी की बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में जिला में खाद्य सुरक्षा जांच अभियान तेज कर दिया है। अभियान के तहत अब तक 45 से अधिक खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित सरकारी प्रयोगशाला में भेजे जा चुके हैं। इनमें रसगुल्ला, कलाकंद, मावा बर्फी, गुलाब जामुन, डोडा बर्फी सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने शामिल हैं।जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ईश्वर कुमार ने बताया कि जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। दूसरे राज्यों से आने वाले डेयरी उत्पादों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। निरीक्षण के दौरान खराब एवं मानव उपभोग के अयोग्य पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों को नियमानुसार नष्ट कराया जा रहा है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में नमूने असुरक्षित अथवा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।*हथीन में कार्रवाई, 32 किलोग्राम खराब मिठाई नष्ट कराई*खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को हथीन क्षेत्र में विभिन्न मिठाई की दुकानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। हथीन बस स्टैंड के पास स्थित मदीना स्वीट हाउस से खोया बर्फी और गुलाब जामुन के नमूने जांच के लिए लिए गए। निरीक्षण के दौरान ताजा मिठाइयों के पास पुरानी एवं फफूंद लगी मिठाइयां रखी मिलीं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, इससे अन्य खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा भी बना रहता है। मौके पर लगभग 32 किलोग्राम खोया बर्फी खराब अवस्था में पाई गई। आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उक्त मिठाई को बिक्री से हटाकर मौके पर गड्ढा खोदकर नष्ट कराया गया। इसके बाद पास स्थित अग्रवाल स्वीट हाउस से कलाकंद और डोडा बर्फी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। इससे पहले मंगलवार को भवन कुंड सब्जी मंडी स्थित बाबा डेयरी और जय मां देवी डेयरी से पनीर के नमूने लिए गए थे। वहीं, गांव पिंगोड़ स्थित मनोज स्वीट्स से खोया बर्फी का नमूना लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया।खाद्य सुरक्षा अधिकारी ईश्वर कुमार ने बताया कि मिठाई विक्रेताओं को ग्राहकों के लिए यह जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी चाहिए कि मिठाइयां देसी घी, वनस्पति घी अथवा अन्य खाद्य तेल से तैयार की गई हैं। इसके लिए संबंधित निर्देशों के अनुसार डिस्प्ले बोर्ड या स्टिकर के माध्यम से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। खाद्य पदार्थों की सामग्री, प्रकृति अथवा गुणवत्ता के संबंध में भ्रामक जानकारी देने पर लागू खाद्य सुरक्षा एवं लेबलिंग प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा खाद्य कारोबारियों को उनके व्यवसाय की प्रकृति और लागू प्रावधानों के अनुसार उचित श्रेणी में एफएसएसएआई पंजीकरण अथवा लाइसेंस प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, संबंधित पंजीकरण प्रमाणपत्र या लाइसेंस को दुकान में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना भी आवश्यक है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान पूरे त्योहारी सीजन में लगातार जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट और अस्वच्छता की संभावनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
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