अगर किसी में काम करने का जज्बा हो तो उसके सामने उम्र भी कोई मायने नहीं रखती है, यही कर दिखाया है बंचारी के प्रशांत कुमार राघव ने, जिन्होंने 60 साल की उम्र में विदेश में पांच पदक जीत करके हरियाणा का नाम रोशन किया है।भारतीय खेल प्राधिकरण के पूर्व कार्यकारी निदेशक प्रशांत कुमार राघव एक प्रतिष्ठित खेल प्रशासक और एक कुशल एथलीट रहे हैं।हाल ही में 6 से 15 फरवरी 2026 तक जायद स्पोर्ट्स सिटी में आयोजित प्रथम ओपन मास्टर्स गेम्स अबू धाबी 2026 में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन खेलों का आयोजन विश्व मास्टर्स गेम्स एसोसिएशन के तत्वावधान में किया गया था, जिसकी अध्यक्षता महान पोल वॉल्ट खिलाड़ी सुरगे बुबका, डब्ल्यूएमजीए के अध्यक्ष ने की। इन खेलों में विश्व भर के 143 देशों के लगभग 25000 खिलाडय़िों ने 33 खेलों में भाग लिया।प्रशांत राघव ने अबू धाबी में शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच पदक जीते, जिनमें शॉट पुट, डिस्कस थ्रो और भाला फेंक में तीन स्वर्ण पदक और हैमर थ्रो और 4&400 रिले दौड़ में कांस्य पदक शामिल हैं।एक मास्टर एथलीट के रूप में उन्होंने एशियाई और विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप सहित 8 अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप और खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अब तक उन्होंने 16 अंतर्राष्ट्रीय पदकों सहित 100 से अधिक पदक जीते हैं।एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप, मलेशिया 2019 डिस्कस थ्रो में रजत पदक और शॉट पुट में कांस्य पदक प्राप्त किया।एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023, फिलीपींस शॉट पुट में स्वर्ण पदक, डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक प्राप्त किया।साउथ एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप, मैंगलोर, भारत 2025 शॉट पुट और डिस्कस थ्रो में दो स्वर्ण पदक, भाला फेंक में रजत पदक प्राप्त किया।वर्ल्ड मास्टर्स गेम्स, ताइवान, 2025 वर्ल्ड मास्टर्स गेम्स एसोसिएशन के तहत आयोजित शॉट पुट में स्वर्ण पदक और डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक प्राप्त किया।एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप, चेन्नई, भारत, 2025 शॉट पुट और डिस्कस थ्रो में दो रजत पदक प्राप्त किए। फिनलैंड में आयोजित विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 में भारत का प्रतिनिधित्व किया व स्वीडन में आयोजित विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर बंचारी गांव के सरपंच सीताराम नंबरदार ने उनको बधाई देते हुए हुए कहा कि उनके बंचारी गांव में जहां युवाओं के द्वारा स्वर्ण पदक, रजत पदक जीत करके बंचारी गांव का नाम रोशन किया है, वहीं 60 साल की उम्र में जिस प्रकार से प्रशांत राघव ने पदक प्राप्त करके बंचारी गांव का हरियाणा सहित पूरे विश्व में नाम रोशन किया है, उस पर बंचारी गांव के सभी नागरिकों को गर्व का एहसास हो रहा है। उन्होंने इससे युवाओं को भी प्रेरणा लेने की अपील की।
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